101 कन्याओं का पाद पूजन कर पुरस्कार वितरण किया
इंदौर। नौ दिनों तक शारदीय नवरात्र में डांडियों के साथ अपनी प्रतिभा को प्रदर्शीत करने वाली 101 कन्याओं का माँ भवानी माता मंदिर में अश्विन शुक्ल की 12 पर पाद पूजन कर व, नकद राशी, प्रशस्ति पत्र एवं शिक्षण सामग्री भेंट की गई। इस अवसर पर ज्योतिष एवं भागवताचार्य पं. बालकृष्ण शर्मा के मुख्य आतिथ्य और जिला पंचायत सदस्य दिनेश सिंह चौहान एवं समाजसेवी मदन परमालिया के आतिथ्य में पुरस्कार वितरण किया गया। इस अवसर पर डॉ. भाग्यश्री खरखडिय़ा, गणेश वर्मा ने सम्मानित किया।
कैंची वाली माता के नाम से सुप्रसिद्ध भवानी माता मंदिर पर जो बच्चे समय पर बोल नहीं बाते हैं उनकी मन्नत के लिए रोज कैंची चढ़ाई जा रहा है, जिसमें भक्तगण राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, भोपाल एवं अन्य प्रदेशों से भी भक्तजन अपनी मनोकामना को लेकर कैंची चढ़ाते हैं।
मंदिर की ओर से जानकारी देते हुए समाजसेवी मदन परमालिया एवं पं. भरत शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर नौ दिनी गरबा उत्सव के साथ माताजी के नौ स्वरूपों को पूजा जाता है। ग्राम हरसोला में स्वयं-भू माँ भवानी माता मंदिर इतिहास लगभग 400 वर्ष पुराना है। यहां पर स्वयं-भू माँ भवानी प्रतिमा निकली जिसका विधिवत पूजन वर्षों से किया जा रहा है। पं. बालकृष्ण शर्मा की चौथी पीढ़ी माँ भवानी का प्रतिदिन पूजन-पाठ कर उनकी सेवाएं दे रहे हैं। पुरस्कार वितरण के पश्चात विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।
8000 स्के. फीट के क्षेत्रफल में मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। यहां की व्यवस्था समिति में सुरेश बारोढ़, बंटी शर्मा, बंटी चौहान भगवान पटेल, रंजीत चौधरी, दीपक भूरा, निलेश गौड़, टायगर भाई, मुनीश्वर आदि में सेवाएं दी।
प्रतिदिन पं. बालकृष्ण शर्मा के द्वारा माता का श्रृंगार कर पूजन-पाठ किया गया। मंदिर की व्यवस्था में दिनेश कंचन सिंह चौहान का विशेष सहयोग रहा।
भवदीय
(मदन परमालीया)

