चीन-पाकिस्तान की उड़ी नींद! भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक राफेल डील, 114 नए लड़ाकू विमानों से सजेगा आसमान
पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ाने वाले राफेल विमानों को लेकर भारत ने फ्रांस के साथ ऐतिहासिक डील को मंजूरी दे दी है। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लड़ाकू विमानों की खरीद क मंजूरी दी गई है। 114 राफेल विमानों के इस सौदे को 'मदर ऑफ ऑल डिफेंस डील्स' कहा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सशस्त्र बलों की युद्धक तैयारी को मजबूत करने के लिए 3.60 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों की पूंजीगत खरीद को मंजूरी दी है।
जानकारी के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के तहत, राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा 18 विमान सीधे 'उड़ान भरने की स्थिति' में आपूर्ति किए जाएंगे और बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जायेगा, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उत्पादन शामिल होगा और यह उत्पादन चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जायेगा।
रक्षा मंत्रालय ने खरीद की लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि यह 2.90 लाख करोड़ रुपये से 3.15 लाख करोड़ रुपये के बीच होगी। राफेल विमानों की खरीद को मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से ठीक चार दिन पहले मिली। इस सौदे को हालांकि अंतिम रूप देने के लिए औपचारिक अनुबंध इस साल के अंत से पहले होने की संभावना नहीं है, क्योंकि रक्षा मंत्रालय को अब हथियारों के पैकेज की लागत और बारीक विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए दसॉल्ट एविएशन के साथ बातचीत करनी होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) को भी अधिग्रहण कार्यक्रम को अंतिम मंजूरी देनी होगी। अप्रैल 2019 में, भारतीय वायुसेना ने लगभग 18 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से 114 बहु-उद्देश्यीय लड़ाकू विमान (एमआरएफए) की खरीद के लिए एक आरएफआई (सूचना के लिए अनुरोध), या प्रारंभिक निविदा जारी की। इसे हाल के वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य खरीद कार्यक्रमों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया था। इस परियोजना के अन्य दावेदारों में लॉकहीड मार्टिन का एफ-21, बोइंग का एफ/ए-18 और यूरोफाइटर टाइफून शामिल थे।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

