ठंड के बढ़ने से गजक की ज्यादा डिमांड
इंदौर। सर्दी का मौसम आते ही हर किसी को गजक की याद आने लगती है। शहर में ठंड बढ़ने से इन दोनों गजक की दुकानों पर काफी रौनक देखने को मिल रही है। गजक के बारे में कहा जाता है कि यह जितनी सॉफ्ट और खस्ता होगी उतना ही बेहतर इसका स्वाद होगा।शहर में ठंड बढ़ने से इन दोनों गजक की दुकानों पर काफी रौनक देखने को मिल रही है।
वही हमने शीतल गजक के सनी सैनी से चर्चा की तो उन्होंने बताया सर्दियों के 4 महीने में गजक की डिमांड चार गुना तक बढ़ जाती है। गुड़, मूंगफली या तिल और देशी घी में जब गजक तैयार होती है तो इसकी महक से ही खाने के लिए मन ललचाता है। डिमांड इतनी कि दुकान में आते ही थोड़े ही समय में पूरी गजक बिक जाती है। गजक की एक से बढ़कर एक वैरायटी देखने को मिलेगी। गुड़ की थाल गजक फेमस है,वहीं, केक गजक भी 8 से 10 वैरायटी की बनती है। हम क्वालिटी मेंटेन करने के लिहाज से ग्राहकों की डिमांड पर ही गजक तैयार करते हैं,जायका बढ़ाने के लिए ड्राई फ्रूट मिक्स किए जाते हैं। एक बार में अधिक गजक ना बनाने के सवाल पर वे कहते हैं इससे टेस्ट बिगड़ जाता है।

