पथरिया में हायर सेकंडरी स्कूल का नाम RSS के पूर्व सरसंघचालक के नाम होगा... CM मोहन यादव ने की घोषणा
दमोह। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दमोह जिले के पथरिया में स्थित हायर सेकंडरी स्कूल का नाम RSS के पूर्व सरसंघचालक केसी सुदर्शन के नाम पर रखने की घोषणा की है। यह घोषणा उन्होंने 26 फरवरी 2025 को अजबधाम में जै-जै सरकार के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में की। इसके साथ ही, फतेहपुर गांव का नाम बदलकर 'अजब धाम' करने, पथरिया बायपास निर्माण की घोषणा और मटकोलेश्वर सीतानगर बांध में नौकायन शुरू करने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का ज़िक्र करते हुए बुंदेलखंड के विकास पर भी प्रकाश डाला और किसानों को अपनी ज़मीन न बेचने की सलाह दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर फतेहपुर को 'अजब धाम' की नई पहचान दी और 'जै जै श्री गुरुकुलम' का भूमि पूजन भी किया। उन्होंने कहा, 'मुझे आप सबसे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है कि अब से दमोह के फतेहपुर ग्राम को 'अजब धाम' के नाम से जाना जाएगा। यह पवित्र धाम हम सबको सुप्रसिद्ध संत अजबश्री महाराज की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखने के साथ मानव सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।'
विकास कार्यों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने 51 करोड़ रुपये की लागत से पथरिया बायपास निर्माण की घोषणा की। साथ ही, मटकोलेश्वर सीतानगर बांध में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नौकायन शुरू करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि हायर सेकेंड्री स्कूल का नाम राष्ट्रवादी विचारक केसी सुदर्शन के नाम पर रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे बुंदेलखंड की तस्वीर और तकदीर बदल जाएगी। इस परियोजना से दमोह सहित प्रदेश के 10 जिले लाभान्वित होंगे और बुंदेलखंड अंचल के आठ लाख हेक्टेयर से अधिक इलाके को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। साथ ही, पेयजल और उद्योगों के लिए भी पानी की आपूर्ति हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का यह क्षेत्र कृषि उत्पादन में पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा। यहां पानी का सूखा खत्म होगा और किसान खुशहाल होंगे। उन्होंने स्थानीय निवासियों को अपनी जमीन न बेचने की सलाह देते हुए कहा कि यह भूमि बहुमूल्य सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री यादव महाशिवरात्रि के अवसर पर दमोह जिले के अजबधाम स्थित 'श्री देव 1008 रामकौमार सरकार मंदिर' में दर्शन करने भी पहुंचे। उन्होंने वार्षिक महायज्ञ कार्यक्रम में भी भाग लिया और देशभर से आए संत-महात्माओं के दर्शन किए। उन्होंने कहा, 'मेरा सौभाग्य है कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर दमोह जिले के इस पावन स्थल पर आने का अवसर मिला है। यहां निकट ही मड़मोलेश्वर धाम है, जहां सुनार, कोपरा और जूड़ी नदियों का संगम है। भगवान भोले नाथ की विशाल पिंडी श्रद्धा का केंद्र है।'
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में नदी जोड़ो जैसी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। साथ ही, राज्य सरकार कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा दे रही है। दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए 10 गायों के पालन पर सब्सिडी और दुग्ध उत्पादन पर बोनस देने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने का भी आह्वान किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने गेहूं की MSP ₹2600 करने की घोषणा जल कलश यात्रा के दौरान की। GIS 2025 में ₹26.61 लाख करोड़ के निवेश और 17.34 लाख नौकरियों के अवसर बनने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि अगले 5 सालों में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो जाएगी और हर निवेशक हमारा अतिथि है।
साभार नवभारत टाइम्स

