समुद्री सीमा पर भारत की 'सर्जिकल स्ट्राइक': अवैध तेल व्यापार रोकने को 55 जहाज तैनात
अपने समुद्री क्षेत्र को लेकर भारत अलर्ट मोड में है। खबर है कि भारत ने इस महीने ईरान से जुड़े तेल टैंकरों को जब्त किया है। खास बात है कि इनपर अमेरिका की तरफ से प्रतिबंध लगाया गया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब टैरिफ के कारण तनाव में आए भारत और अमेरिका के रिश्ते फिर से सुधरने लगे हैं। अमेरिका ने भारत पर लगाए टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी किया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि भारत ने अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधित किए गए ईरान से जुड़े तीन तेल टैंकर पकड़े हैं। साथ ही भारत ने अवैध व्यापार को रोकने के लिए समुद्री क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी है। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, भारत का मकसद शिप टू शिप यानी जहाज से जहाज में होने वाले ट्रांसफर को रोकना है। ऐसा कई बार इसलिए किए जाता है ताकि तेल के स्त्रोत को छिपाया जा सके।
तीन पकड़े गए टैंकर्स की पहचान स्टैलर रूबी, एस्फाल्ट स्टार और अल जाफजिया के तौर पर हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों ने तटीय राज्यों में कानून से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान बदली है।
एजेंसी के अनुसार, ईरान की स्टेट मीडिया ने तेल कंपनी के हवाले से कहा कि भारत की तरफ से पकड़े गए तीनों टैंकर्स का कंपनी से कोई लेना देना नहीं है। साथ ही कहा है कि न तो कार्गो और न ही नौकाएं कंपनी से जुड़ी हुईं थीं। एजेंसी के अनुसार, 6 फरवरी को भारतीय अधिकारियों ने तीन नौकाओं को लेकर एक पोस्ट किया था, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया।
सूत्रों ने जानकारी दी कि इसके बाद भारतीय तट रक्षकों ने अपने समुद्री क्षेत्रों की निगरानी के लिए करीब 55 जहाजों और 10 से 12 विमानों को तैनात किया है। बीते साल अमेरिका के फॉरिन एसेट्स कंट्रोल ने कहा था कि उनकी तरफ से तीन नौकाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खास बात है कि इनके IMO नंबर भारत की तरफ से पकड़े गए जहाजों से मिलते जुलते हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

