श्रीराम नवमी पर ‘प्राकट्य पर्व’ का हुआ आयोजन भक्तिमय हुआ शहडोल

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प्रदीप सिंह बघेल 
शहडोल। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन शहडोल के सहयोग से श्रीराम नवमी के पावन अवसर पर श्रीराम जानकी (पंचायती) मंदिर, शहडोल में एक दिवसीय ‘प्राकट्य पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बघेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और श्रीराम की महिमा का सुमधुर संगम देखने को मिला, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि भगवान श्री राम का जीवन मानव समाज के लिए एक आदर्श मार्गदर्शक के रूप में सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। 
उन्होंने कहा कि श्री राम का चरित्र हमें सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। एक आदर्श पुत्र के रूप में उन्होंने अपने पिता के वचन की मर्यादा रखी, एक आदर्श पति के रूप में पत्नी के प्रति समर्पण दिखाया, और एक आदर्श राजा के रूप में प्रजा के कल्याण को सर्वाेपरि रखा।
श्रीमती सिंह ने कहा कि भगवान श्री राम के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने प्राचीन काल में थे। उनका जीवन हमें समाज में नैतिक मूल्यों, भाईचारे और न्याय की स्थापना का संदेश देता है। ऐसे आदर्श सदैव समाज को प्रेरित करते रहेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, जिला योजना समिति की सदस्य श्रीमती अमिता चपरा, जनपद अध्यक्ष सोहागपुर श्रीमती हीरावती कोल, एसडीएम श्रीमती अमृता गर्ग द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया । कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले दलों के कलाकारों का अतिथियों ने माल्यार्पण से स्वागत किया। 
कार्यक्रम की शुरुआत रीवा से आईं सुविख्यात लोकगायिका सुश्री रीता तिवारी एवं उनके साथियों द्वारा बघेली लोकगायन से हुई। उन्होंने सोहर, बधाई, गैलहाई, बनरा एवं बेलनहाई, देवी गीत, विवाह गीत जैसे पारंपरिक गीतों के माध्यम से भगवान श्रीराम और माता जानकी के प्रति अगाध श्रद्धा को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। उनके गायन ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके पश्चात अखण्ड सुदर्पण जन कल्याण समिति, खंडवा द्वारा ‘हनुमान लीला’ की प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई। इसमें भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के जीवन प्रसंगों श्रीराम से मिलन, सुग्रीव संधि, लंका गमन, माता सीता की खोज एवं रावण के अहंकार के दमन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। अंत में श्री हनुमान चालीसा एवं श्रीराम-हनुमान वंदना के साथ प्रस्तुति का समापन हुआ।
कार्यक्रम की अंतिम कड़ी में भोपाल की प्रसिद्ध गायिका सुश्री भारती विश्वनाथन ने भक्ति गायन प्रस्तुत कर वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। उन्होंने ‘राम ही तन में, राम ही मन में’, ‘भजमन राम चरण सुखदाई’ जैसे भजनों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुद्रिका सिंह, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनन्द राय सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आरके मंगलानी, नोडल अधिकारी श्री अमरनाथ सिंह, सहायक नोडल अधिकारी श्री विवेक पाण्डेय, प्रियम त्रिपाठी, गोपाल शर्मा सहित गणमान्य नागरिक, पत्रकार तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। भक्ति, संगीत व नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से शहडोल पूरी तरह राममयी हो गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का भी सशक्त माध्यम सिद्ध होगा।

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