100 किमी/घंटे की रफ्तार से आई आंधी और आफत की बारिश, दिल्ली-एनसीआर में थमी जिंदगी
नई दिल्ली। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में बृहस्पतिवार सुबह तेज धूप के बाद दोपहर में अचानक मौसम बदल गया। आसमान में छाए काले बादलों और धूल भरी आंधी-तूफान से दिन में ही अंधेरा छा गया और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। एक से डेढ़ घंटे बाद मौसम का कहर थमा, तो हर तरफ तबाही का मंजर देखने को मिला।
दिल्ली-एनसीआर में ही करीब 500 पेड़ व बिजली के खंभे-तार गिर गए। इनकी चपेट में आने से 300 से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। करीब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी-बारिश में कई घरों की खिड़कियों के शीशे चटक गए, टिन के छप्पर उड़ गए और सड़कों पर पानी भर गया। ग्रेटर नोएडा में तेज हवा से निर्माणाधीन इमारत से एक मजदूर नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
सबसे ज्यादा तबाही नोएडा व ग्रेटर नोएडा में देखने को मिली। दर्जनों सेक्टरों में पानी भर गया, पेड़ और उनकी टहनियां गिरने से वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा। दिल्ली में बुराड़ी, मॉडल टाउन से महरौली, हौजखास, आरके पुरम, डिफेंस कॉलोनी, शाहदरा व आईटीओ, अक्षरधाम और एनसीआर में आंधी-तूफान एवं जोरदार बारिश का असर दिखा। कई जगह जाम लग गया और सड़कों पर घंटों वाहन रेंगते रहे। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 11 उड़ानों को दूसरे शहरों को भेजना पड़ा।
उत्तर प्रदेश के एनसीआर के जिलों के अलावा संभल, अलीगढ़, अयोध्या समेत 12 से अधिक जिलों में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई। एक से डेढ़ घंटे में कई जगह 10 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का 40 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट था। 18 जून तक प्रदेश में मानसून के गोरखपुर के रास्ते प्रवेश करने की उम्मीद है।
मौसम में अचानक आया बदलाव उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुधवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से आया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और उत्तराखंड में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। कई जगह ओले भी पड़े। पंजाब के अमृतसर और हरियाणा के सात जिलों में धूल भरी आंधी और गुरुग्राम, सोनीपत व रोहतक समेत आठ जिलों में तेज बारिश हुई।
साभार अमर उजाला

