एविएशन सेक्टर में 'मेक इन इंडिया' का दम: एयरबस और टाटा बदलेंगे देश की तस्वीर
नई दिल्ली। भारत में नए प्रोडक्शन लाइन मिलने के बाद एविएशन क्षेत्र की ग्लोबल कंपनी एयरबस की उम्मीदें आसमान छूने लगी हैं। कंपनी को उम्मीद है कि भारत में रीजनल कनेक्टिविटी में ही उसके 1,000 से ज्यादा हेलिकॉप्टर खप जाएंगे। इनके अलावा सशस्त्र सेनाओं की जरूरतें पूरी करने के लिए जो डिमांड मिलेगी, वह अलग।
हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार ET को दिए एक इंटरव्यू में एयरबस हेलिकॉप्टर्स के सीईओ ब्रुनो इवेन ने कहा है कि नई असेंबली लाइन से पहला हेलिकॉप्टर 2027 की शुरुआत में बनकर निकलने की उम्मीद है। एयरबस भारतीय कंपनी टाटा के साथ मिलकर इस हेलिकॉप्टर का भारत में ही निर्माण कर रही है।
एयरबस सीईओ ने कहा कि 'विचार, लक्ष्य और इरादा क्षेत्र के सिविल और मिलिट्री मार्केट को ध्यान में रखकर तय किया गया है। अगर सैन्य उपभोक्ता अपने मिशन के लिए एच125 को चुनने में दिलचस्पी रखते हैं और उसे खरीदना चाहते हैं, तो इसकी कोई वजह नहीं है कि हम इस क्षेत्र में अपने उपभोक्ताओं के लिए, भारत में यह मिलिट्री हेलीकॉप्टर न बना पाएं।'
एयरबस सीईओ ने यह बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के द्वारा बेंगलुरु में एक नए एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड प्रोडक्शन फैसिलिटी के मुंबई से वर्चुअली उद्घाटन के बाद कही है। इस नई असेंबली लाइन फैसिलिटी में एयरबस करीब ₹1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।
एयरबस सिर्फ अपने कर्नाटक के वेमगल फैसिलिटी से ही आने वाले 20 वर्षों में लगभग 500 एच125 हेलिकॉप्टरों का बाजार देख रहा है। वैसे एयरबस भारतीय सेना से भी बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद में बैठा है। क्योंकि, सेना पहले ही लीज पर एच125 हेलिकॉप्टर उड़ा रही है और उसने उत्तरी कमांड के फॉरवार्ड एरिया में इसकी परफॉर्मेंस भी देख रखी है।
साभार नवभारत टाइम्स

