ऑपरेशन हेलो के तहत 106 गुम मोबाइल बरामद, कीमत लगभग 17 लाख रुपये
साथ ही वर्ष 2026 में अब तक 95 लाख रुपये मूल्य के 591 गुम मोबाइल बरामद कर आवेदकों को लौटाए
जिले की साइबर टीम एवं समस्त थाना पुलिस के संयुक्त प्रयासों से गुम मोबाइलों की तलाश कर आवेदकों को लौटाए गए मोबाइल।
गुजरात एवं राजस्थान सहित विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों से भी ट्रेस किए गए मोबाइल।
किसी ने किस्तों पर तो किसी ने मजदूरी की कमाई से खरीदा था मोबाइल, वापस पाकर आवेदकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान।
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
वर्तमान समय में मोबाइल फोन आमजन के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। मोबाइल गुम होने से न केवल लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी होती है, बल्कि उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ता है। आमजन की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं उप पुलिस अधीक्षक कमलेश शर्मा के मार्गदर्शन में जिला साइबर टीम द्वारा गुम मोबाइल फोन की तलाश के लिए “ऑपरेशन हेलो” अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है।
ऑपरेशन हेलो के अंतर्गत जिला साइबर टीम एवं जिले के समस्त थाना पुलिस द्वारा तकनीकी सहायता और सतत प्रयासों के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के कुल 106 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 17 लाख रुपये है। बरामद मोबाइलों में Apple, Vivo, OPPO, Realme, Samsung, Tecno, Infinix एवं OnePlus सहित विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।
ट्रेस किए गए मोबाइलों में अधिकतम लगभग 65,000 रुपये कीमत का Apple iPhone 15 सीरीज का मोबाइल तथा न्यूनतम लगभग 5,000 रुपये कीमत का OPPO A38 मोबाइल शामिल है।मोबाइलों में Apple के 03, Vivo के 41 तथा OPPO के 32 मोबाइल तथा शेष अन्य कंपनियो के मोबाइल शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि झाबुआ पुलिस द्वारा 01 जनवरी 2026 से अब तक कुल 591 गुम मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 95 लाख रुपये है, सकुशल बरामद कर उनके आवेदकों को वापस लौटाए जा चुके हैं।
गुम मोबाइल वापस मिलने पर आवेदकों ने झाबुआ पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान आवेदिका शारदा पति विशाल वसुनिया निवासी मेघनगर ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने मोबाइल किस्तों पर खरीदा था। दो माह पूर्व मेघनगर हाट मे मोबाइल गुम होने के बाद भी उन्हें अपनी आर्थिक और बैंकिंग संबंधी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उसकी किस्तें चुकानी पड़ रही थीं। मोबाइल गुम होने से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी हो रही थी। पुलिस के प्रयासों से जब उनका मोबाइल वापस मिला, तो उन्हें बड़ी राहत मिली।
वहीं, आवेदक अनिल पिता गेंदालाल देवडा नि. नाचनखेडा राणापुर ने बताया कि उन्होंने मजदूरी करके अपनी मेहनत की कमाई से मोबाइल खरीदा था। मोबाइल गुम होने से उन्हें काफी नुकसान हुआ, लेकिन झाबुआ पुलिस द्वारा उनका मोबाइल वापस दिलाए जाने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मोबाइल वापस मिलने पर आवेदकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की।
आवेदक महेश कटारा जो कि मां त्रिपुरा कॉलेज झाबुआ से डी फार्मेसी कर रहा है, उसका मोबइल सात माह पूर्व थांदला से गुम हो गया था, मोबाइल किस्त पर था। मोबाइल गुम होने से आवेदक महेश को काफी समष्यायों सामना करना पड रहा था। मोबाइल मिलने से अब वह खुश है।
ऑपरेशन हेलो की विशेष उपलब्धि यह रही कि गुम हुए कई मोबाइल फोन मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ-साथ गुजरात एवं राजस्थान राज्यों से भी ट्रेस कर बरामद किए गए। यह कार्रवाई गुम मोबाइलों की तलाश में झाबुआ पुलिस की तकनीकी दक्षता, सतत प्रयासों एवं आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है।
झाबुआ पुलिस आमजन की संपत्ति की सुरक्षा एवं उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से “ऑपरेशन हेलो” के तहत गुम मोबाइल फोन की तलाश के प्रयास निरंतर जारी हैं, ताकि अधिक से अधिक आवेदकों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस दिलाकर राहत प्रदान की जा सके।
आमजन के लिए महत्वपूर्ण सूचना
गुम मोबाइल फोन की शिकायत नागरिक स्वयं CEIR Portal के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिले के सभी थानों में भी गुम मोबाइल संबंधी आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर पुलिस द्वारा मोबाइल ट्रेस कर उन्हें संबंधित आवेदकों को वापस किया जा रहा है।
झाबुआ पुलिस की अपील:
मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल निकटतम थाना अथवा साइबर सेल से संपर्क करें तथा CEIR Portal पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे मोबाइल की शीघ्र खोज एवं बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
CYBER ADVISORY :-
टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों द्वारा पार्ट टाइम जॉब के नाम पर व टास्क पूरा करने के नाम पर व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही है कृपया सावधानी बरतें।
Whatsapp ग्रुप में आई APK File से रहे सावधान – यदि आपके Whatsapp ग्रुप में APK File आती है, तो उसको Download ना करे। मोबाइल में उक्त APK File Download होने पर मेलवेयर आपके मोबाइल में प्रवेश कर जाता है और आपका मोबाइल हैक कर आपके बैकिंग एप्लिकेशन में सेंध लगाकर आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है, इसलिये हमेशा अपने Whatsaap को Auto Download पर न रखें।
डिजिटल अरेस्ट: स्कैम से रहें सावधान, सायबर अपराधी वीडियो कॉल के जरिये लोगों को डरा-धमका कर ठगी को अंजाम दे रहे हैं। नागरिक सतर्क रहें, इंवेस्टीगेशन एजेंसियों के नाम से आ रही ऐसी किसी कॉल से डरकर ऑनलाइन रुपए न दें AI Voice Scam Alert : इस तकनीक का उपयोग कर स्कैमर्स आपके परिवार का सदस्य या परिचित बनकर कॉल पर बात करता है और किसी इंमरजेंसी के बहाने आपसे पैसे की डिमांड करता है। ऐसे कॉल से सावधान रहें। पहले नंबर की जांच करें। वर्तमान में एक विशेष प्रकार का साइबर अपराध देखने को मिल रहा है जिसमें आपके बच्चे जो आपसे दूर शहर में पढ़ाई कर रहे हैं उनको किसी अपराध में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की बात कह कर लोगों से पैसों की ठगी की जा रही है। अतः बच्चों की गिरफ्तारी का डर दिखाकर होने वाली ठगी से सावधान रहे।
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा बैंक संबंधी जानकारी जैसे उपयोगकर्ता का आईडी पासवर्ड /ATM कार्ड नंबर /पिन /CVV नंबर/ OTP नंबर आदि मांगे जाने पर प्रदाय ना करें। बैंक कभी भी फोन पर बैंक संबंधी जानकारी नहीं मांगते हैं।
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