वोकल फॉर लोकल' की शानदार मिसाल

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फीड :- झाबुआ 

रिपोर्टर :- सलीम हुसैन 

झाबुआ के 'दीपोत्सव-2026' में झाबुआ एसडीएम महेश मंडलोई ने की 10 हजार की खरीदारी, बढ़ाया कारीगरों का हौसला- दो दिवसीय मेले के अंतिम दिन एसडीएम महेश मंडलोई ने पत्नी अस्मिता के साथ की शिरकत, स्थानीय उत्पादों को खरीद कर दिया स्वदेशी अपनाने का बड़ा संदेश।
झाबुआ।
रोशनी और खुशियों के पर्व दीपावली को और अधिक खास बनाने तथा 'वोकल फॉर लोकल' (स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता) के राष्ट्रीय आह्वान को जमीनी स्तर पर साकार करने के उद्देश्य से झाबुआ में आयोजित दो दिवसीय 'दीपोत्सव-2026' का उत्साहपूर्वक समापन हुआ। मेले का अंतिम दिन उस समय और भी विशेष बन गया जब एसडीएम महेश मंडलोई अपनी पत्नी अस्मिता के साथ इस दीपोत्सव मेले में खरीदारी करने पहुंचे। उनकी इस पहल ने न सिर्फ आयोजन की सार्थकता सिद्ध की, बल्कि वहां मौजूद तमाम ग्रामीण कारीगरों और कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार कर दिया।
दीपावली के पावन अवसर पर स्थानीय हस्तशिल्प, स्वदेशी उत्पादों और कुटीर उद्योगों को एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए इस दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया था। मेले में ग्रामीण अंचलों से आए हुनरमंद कलाकारों ने अपने हाथों से गढ़े गए मिट्टी के आकर्षक दीये, सजावटी सामग्रियां, और अन्य पारंपरिक उत्पादों के कई स्टॉल लगाए थे। अंतिम दिन मेले में लोगों की अच्छी चहल-पहल रही।
इसी बीच, एसडीएम महेश मंडलोई ने अपनी पत्नी अस्मिता के साथ पूरे मेले का भ्रमण किया। उन्होंने एक-एक कर विभिन्न स्टॉलों का जायजा लिया और वहां मौजूद कारीगरों से उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों और उनकी मेहनत के बारे में आत्मीयता से बातचीत की। अधिकारी दंपति ने स्थानीय कलाकारों की अद्भुत कला और उनके समर्पण की जमकर सराहना की।
'वोकल फॉर लोकल' के संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए, एसडीएम ने इसे अपने आचरण में भी उतारा। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों से लगभग 10 हजार रुपए की जमकर खरीदारी की। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस तरह आगे आकर ग्रामीण कलाकारों के उत्पाद खरीदने से कारीगरों के चेहरों पर खुशी की चमक दोगुनी हो गई।
एसडीएम महेश मंडलोई की इस सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल ने आम नागरिकों को भी एक मजबूत संदेश दिया है। यह दर्शाता है कि यदि हम सब मिलकर त्योहारों पर अपने स्थानीय उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता दें, तो न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि इन छोटे उद्योगों से जुड़े परिवारों की दीपावली भी सही मायनों में रोशन होगी। अधिकारियों और आमजन के इसी समर्थन के साथ झाबुआ का 'दीपोत्सव-2026' एक सफल और यादगार आयोजन साबित हुआ।

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