श्री आनंद धाम में उतरा बैकुंठ सा नजारा: हजारों भक्तों की मौजूदगी में गूंजा 'हरे कृष्ण' का महाघोष, अलौकिक जन्मोत्सव संपन्न
दीपक वाड़ेकर
इंदौर: आस्था और आध्यात्म के केंद्र श्री आनंद धाम (ब्रह्मांड खेड़ी, इंदौर-उज्जैन रोड) पर बीती रात इतिहास रच दिया गया। अवसर था श्री कृष्ण जन्मोत्सव का, जहाँ ब्रह्मांड खेड़ी की शांत और प्राकृतिक गोद में बसा यह धाम अलौकिक झांकियों और उत्सव की दिव्यता से सराबोर नजर आया। परम पूज्य गुरुदेव श्री विवेक जी महाराज के ओजस्वी सान्निध्य में हुए इस महाउत्सव ने शहरवासियों को धर्म और भक्ति के एक नए ही लोक में पहुँचा दिया।
जब गूंजा 'हरे कृष्ण' का महाघोष और झूम उठे भक्त
उत्सव की शुरुआत संध्या बेला में गुरुदेव श्री विवेक जी महाराज के कर-कमलों से बांके बिहारी जी के चरणों में पुष्प अर्चन और अलौकिक शृंगार दर्शन के साथ हुई। इसके बाद जब हजारों भक्तों ने एक स्वर में सामूहिक 'हरे कृष्ण' महामंत्र का संकीर्तन शुरू किया, तो पूरा वातावरण पूरी तरह चैतन्य हो उठा। नाम संकीर्तन और श्री हरि पाठ की मधुर संगीतमय प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई भक्ति की रसधार में झूमने को मजबूर हो गया।
मध्य रात्रि 12 बजे शंख-डमरू की गूंज के साथ हुआ गो-दुग्ध अभिषेक
जैसे ही घड़ी की सुइयों ने रात के 12 बजाए, श्री आनंद धाम 'नंद ઘेर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठा। शंख-ध्वनि और डमरू की थाप के बीच ठाकुर जी का पवित्र गो-दुग्ध से भव्य अभिषेक किया गया, जिसके बाद उतारी गई महाआरती ने हर भक्त के मन को शांति और दिव्यता से भर दिया। अनुष्ठान के अंत में सभी भक्तों के लिए विशेष महाप्रसाद का वितरण किया गया|
शहर की चकाचौंध और व्यस्तता से दूर प्रकृति के सानिध्य में स्थित श्री आनंद धाम का यह आयोजन इस बात का गवाह बन गया कि जब सच्चे भाव से आराधना हो, तो धरती पर ही बैकुंठ उतर आता है। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में पहुँचे धर्मप्रेमियों, युवाओं और माताओं-बहनों ने सहभागिता कर इस पावन रात्रि को हमेशा के लिए यादगार बना लिया।

