अंतर्राष्ट्रीय संत; श्री नागर के मुखारविंद से श्री शिव महापुराण कथा के समापन पर रिंगनोद में उमड़ा अपार जनसैलाब
दिलीप पाटीदार
रिंगनोद ( सरदारपुर )। रिंगनोद के अति प्राचीन श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में वर्ष 2025 कि बिदाई पर अंतिम दिनों में पंचदिवसीय संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा के समापन दिवस पर मंगलवार को हजारों की संख्या में भक्तों काअपार जनसैलाब उमड़ा। अंतर्राष्ट्रीय संत श्री बालकृष्ण जी नागर खेड़ा पिपलोदा जिला रतलाम के द्वारा नवंबर 2012 में विदेश में भी भागवत कथा का आयोजन कर चुके हैं।
संत श्री नागर के वरद्पुत्र हरियंश नागर बालसंत द्वारा भी अपने पिता के अनुरूप अनुसरण करते हुए भजन गाकर उपस्थित भक्त श्रोताओं को मंत्र मुक्त किया।
"रिंगनोद के श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में अल्प समय में आयोजित ऐतिहासिक श्री शिव महापुराण का सफल आयोजन भगवान भोलेनाथ का कृपा प्रसाद हैं,
हमें अच्छे संस्कारों को ग्रहण करना चाहिए, बुरे विचारों का त्याग करना चाहिए। जिस तरह भगवान भोलेनाथ ने संसार की भलाई के लिए विष को गले में धारण किया विष धरा पर गिरे तो सृष्टि का विनाश तथा पेट में निगल लें तो महादेव का विनाश किंतु भगवान ने विष को कंठ में धारण करके सभी का कल्याण किया,जिससे वे नीलकंठ कहलाए, उसी तरह हमें बुराइयां, चुगली, आदि का त्याग करना चाहिए।
गुरु के महिमा का वर्णन करते हुए गुरुदेव नागर ने बताया सचिव, वेद और गुरु कभी झूठ नहीं बोलते ।ये समाज के पालक है।आज के समय में चादर और फादर से बचना चाहिए। बच्चों को संस्कारवान बनाएं अपने साथ मंदिर ले जाऐ । उक्त प्रेरणादायी उद्गार श्री मनकामनेश्वर शिवभक्त मंडल एवं नगरवाशियो द्वाराआयोजीत श्री शिव महापुराण कथा प्रसंग में अंतिम दिवस मंगलवार को कहे।
गुरु महिमा, भगवान के अर्धनारीश्वर स्वरूप का वर्णन, द्वादश ज्योतिर्लिंग का वर्णन कर गुरुदेव ने सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां दी जिससे कथा पांडाल में भक्तों ने नृत्य किया तथा जयकारे लगाए।
कथा के प्रथम दिवस नगर के मुख्य मार्गो से विशाल कलश यात्रा के साथ ही प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ के गुणानुवादो का संत श्री नागर ने सहज एवं सरल तरीके से वर्णन किया। विभिन्न प्रसंगों में भक्तों द्वारा शिव विवाह, गणेश विवाह आदि प्रसंगो पर सज धज कर पात्रों ने नाट्य रूपांतरण किया ।
श्री शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस महापुराण के पूजन एवं गुरुदेव के सम्मान के लिए विभिन्न समाजजनों एवं संगठनों ने लाभ लिया।
इस अवसर पर सरदारपुर क्षेत्र के वर्तमान विधायक प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक वेलसिंह भुरिया, सर्व ब्राह्मण समाज रिंगनोद, पाटीदार समाज, हिंदू उत्सव समिति, प्रभात फेरी मंडल, ग्राम पंचायत, भारतीय जनता पार्टी राजगढ़ ग्रामीण मंडल, अभिभाषक संघ सरदारपुर आदि विभिन्न संगठनों एवं समाज के प्रमुखो द्वारा गुरुदेव का सम्मान किया गया। वनवासी गोमुख धाम के सदस्यों ने गुरुदेव को अपना पारंपरिक अस्त्र फाल्या एवं तीर कमान भेंट कर सम्मानित किया।
हजारों भक्तों ने गुरुदेव के चरणों में नमन कर गुरुदेव का आशीर्वाद लिया एवं गुरुदेव के हाथों से बेलपत्र की प्रसादी ग्रहण की। महा आरती के पश्चात फरियाली खिचड़ी का वितरण भक्तों को किया गया। रतनपुरा, गुमानपुरा, टांडा ,बाग,कुक्षी, कापसी, राजगढ़ आदि क्षेत्रों से भक्तों ने पहुंचकर कथा श्रवण की।

