देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अभाविप का प्रदर्शन, प्रदेश भर के छात्रों को सीधा फायदा
राजेश धाकड़
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), इंदौर महानगर द्वारा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन करीब 4 घंटे 30 मिनट तक चला, जिसमें विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न महाविद्यालयों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
अभाविप का यह आंदोलन मुख्य रूप से परीक्षा शुल्क में असमानता, रिवैल्यूएशन की समस्याएं और विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान परिषद ने सवाल उठाया कि BBA और BCA पाठ्यक्रमों की परीक्षा फीस 4900 रुपये, जबकि अन्य पाठ्यक्रमों की फीस 2400 रुपये क्यों है। अभाविप ने इसे छात्रों के साथ सीधा भेदभाव बताते हुए तत्काल सुधार की मांग की। इसके साथ ही परिषद ने यह भी मांग रखी कि रिवैल्यूएशन के बाद पास होने वाले विद्यार्थियों को उनकी जमा की गई फीस वापस की जाए।
अभाविप ने बाहरी जिलों से आने वाले छात्रों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। परिषद ने कहा कि विश्वविद्यालय संबंधी कार्यों के चलते ऐसे छात्रों को इंदौर में रुकना पड़ता है, लेकिन उनके लिए ठहरने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा एटीकेटी एवं परीक्षा फॉर्म की बढ़ी हुई फीस तथा सप्लीमेंट्री परीक्षा में रिवैल्यूएशन की सुविधा न होने जैसे मुद्दों को भी आंदोलन के दौरान मजबूती से रखा गया।
आंदोलन के समय विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की बैठक चल रही थी। अभाविप के कार्यकर्ताओं ने बैठक में पहुंचकर सीधे विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। लंबी चर्चा और आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के हित में कई अहम निर्णय लिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा BBA और BCA की परीक्षा फीस घटाकर 3000 रुपये करने की घोषणा की गई। साथ ही रिवैल्यूएशन के बाद पास होने वाले विद्यार्थियों को फीस वापस देने के लिए शासन को पत्र लिखकर नियमों में बदलाव की मांग की गई है। इसके अलावा सप्लीमेंट्री परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की रिचेकिंग और रिवैल्यूएशन सुविधा को लेकर भी शासन को पत्र भेजा गया है।
बाहरी जिलों से आने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने गर्ल्स हॉस्टल और बॉयज हॉस्टल में एक-एक कमरा ठहरने हेतु उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में अभाविप के प्रांत सह मंत्री कुशल यादव एवं महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने संयुक्त रूप से बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा लिए गए यह सभी निर्णय देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध प्रदेश के सभी महाविद्यालयों पर लागू होंगे, जिससे हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।

