करोड़ों के हेरफेर व अवैध फीस वसूली पर एक्रोपोलिस जल्द ले फैसला, अन्यथा व्यापक आंदोलन होगा अभाविप
राजेश धाकड़
इंदौर।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इंदौर महानगर इकाई ने एक्रोपोलिस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, इंदौर में वर्षों से चल रहे कथित करोड़ों रुपये के फीस घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभाविप द्वारा कल विद्यार्थियों के साथ किए गए आंदोलन के माध्यम से इस मामले को सार्वजनिक रूप से उजागर किया गया, जिसमें विद्यार्थियों से की जा रही अनधिकृत, मनमानी एवं नियमविरुद्ध फीस वसूली का विरोध किया गया।
आज आयोजित प्रेस वार्ता में अभाविप इंदौर महानगर ने इस पूरे प्रकरण को तथ्यों एवं दस्तावेज़ी साक्ष्यों के साथ मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। परिषद ने बताया कि एक्रोपोलिस महाविद्यालय द्वारा Admission & Fee Regulatory Committee (AFRC) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए विद्यार्थियों से डेवलपमेंट फीस, मिसलेनियस फीस एवं अन्य मदों के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक राशि वसूली जा रही है, जो पूर्णतः अवैध है।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल किसी एक सत्र या कुछ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्षों से संचालित एक व्यवस्थित आर्थिक शोषण है। इस अवैध वसूली से हजारों विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं और अनुमानित रूप से यह राशि करोड़ों रुपये तक पहुँचती है। परिषद ने इसे शिक्षा के नाम पर की जा रही गंभीर धोखाधड़ी करार दिया।
प्रेस वार्ता में अभाविप ने मांग की कि विद्यार्थियों से अब तक ली गई अवैध फीस तत्काल वापस की जाए, आगामी शैक्षणिक सत्रों की फीस AFRC के नियमानुसार ही निर्धारित की जाए, तथा पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभाविप इंदौर महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक्रोपोलिस महाविद्यालय प्रशासन शीघ्र कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो अभाविप अपना आंदोलन और अधिक व्यापक स्तर पर ले जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यार्थियों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक अभाविप का संघर्ष निरंतर और अडिग रहेगा।

