प्रशासनिक न्यायाधिपति ने की सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा

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इन्दौर।    मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के प्रशासनिक न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री  विजय कुमार शुक्ला द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यों, प्राप्त उपलब्धियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशासनिक न्यायाधिपति ने सामुदायिक स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान में सामुदायिक मध्यस्थता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता से न केवल न्यायालयों पर भार कम होता है, बल्कि समाज में आपसी समझ, सहयोग एवं शांति भी सुदृढ़ होती है।

   बैठक में न्यायाधिपति ने जनसामान्य में मध्यस्थता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने पर विशेष बल दिया। इस अवसर प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं पोटेंशियल ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार श्री अनूप कुमार त्रिपाठी, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री नीरज मालवीय, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति इंदौर के अधिकारी, कर्मचारी व विभिन्न समुदायों से प्रशिक्षित किए गये सामुदायिक मध्यस्थ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी सामुदायिक मध्यस्थों को मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से उपलब्ध कराई डायरी भी प्रदान की गई।

 

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