दिलीप यादव को हटाने के बाद क्षितिज सिंघल को सौंपी गई इंदौर नगर निगम की कमान
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के बाद इंदौर नगर निगम में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। लापरवाही और व्यवस्था में गंभीर चूक को आधार बनाते हुए तत्कालीन नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को उनके पद से हटा दिया गया, जिसके बाद शासन ने नगर निगम की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को सौंप दी है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि शासन जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। नए आयुक्त के रूप में नियुक्त किए गए क्षितिज सिंघल भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2014 बैच के अधिकारी हैं और मध्यप्रदेश कैडर से संबंधित हैं। मूल रूप से वे राजस्थान के निवासी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग (बी.ई. ऑनर्स) की शिक्षा प्राप्त की है, जिससे उनके प्रशासनिक निर्णयों में तकनीकी समझ और आधुनिक दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। अपने सेवा काल में क्षितिज सिंघल ने राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों में जिम्मेदार पदों पर कार्य किया है। वे सिवनी जिले के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रह चुके हैं, जहां उन्होंने प्रशासनिक सख्ती, अनुशासन और जनहित को प्राथमिकता देने वाली कार्यशैली से अपनी पहचान बनाई। इसके अतिरिक्त वे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में प्रबंध निदेशक जैसे अहम पद पर भी पदस्थ रहे, जहां उन्होंने बड़े प्रशासनिक ढांचे के संचालन और सुधारात्मक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदौर नगर निगम जैसे बड़े और संवेदनशील शहरी निकाय की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे जल आपूर्ति व्यवस्था, निगम की जवाबदेही और प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करेंगे। दिलीप यादव को हटाने के बाद क्षितिज सिंघल की नियुक्ति को संकट की घड़ी में शासन का एक सख्त और निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे शहर की व्यवस्था पर फिर से नियंत्रण और जनता का विश्वास बहाल हो सके।

