शिवाबाबा ट्रस्ट में भारी भ्रष्टाचार का आरोप, आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच समिति गठित करने की मांग

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महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले की  धुलकोट  तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम गंगीरपुरा स्थित शिवाबाबा मंदिर और श्री शिवाबाबा बंजारा समाज समिति ट्रस्ट गंगीरपुरा में कथित भ्रष्टाचार, मनमानी और गंभीर अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ट्रस्ट के सचिव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर बुरहानपुर को तीखे और आक्रोशित शब्दों में ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच समिति गठित करने की मांग की है। ज्ञापन में साफ शब्दों में आरोप लगाया गया है कि करीब 30 वर्षों से स्थापित शिवाबाबा मंदिर ट्रस्ट को कुछ चुनिंदा लोग अपनी निजी जागीर समझकर चला रहे हैं। ट्रस्ट अध्यक्ष रूपसिंह पवार और उनके परिवार पर मंदिर में आने वाले लाखों रुपये के दान, नकद राशि, पशु दान और अन्य आय को छिपाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज तक न तो आय-व्यय सार्वजनिक किया गया और न ही ट्रस्ट की कोई पारदर्शी बैठक हुई।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट के सचिव को केवल नाममात्र का पद दिया गया है। उनसे जबरन कागजों पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, पढ़ने-समझने का मौका तक नहीं दिया जाता। वर्षों से ट्रस्ट के नाम पर होने वाली आमदनी का कोई हिसाब-किताब नहीं है, जो खुलेआम भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि गांव के लगभग 80 प्रतिशत लोग ट्रस्ट की मनमानी कार्यप्रणाली से नाराज हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। मंदिर और ट्रस्ट को लेकर गांव में आक्रोश का माहौल है, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है।आवेदकों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि आगामी दिनों में शिवाबाबा मंदिर पर मेला आयोजित होना है और यदि मेला संचालन भी इसी भ्रष्ट तंत्र के हाथों में दिया गया तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। इसलिए प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर ट्रस्ट को भंग करे, आय-व्यय की जांच कराए और मेला संचालन हेतु प्रशासन की निगरानी में एक तदर्थ समिति गठित करे।ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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