ईरान जंग में अमेरिका को वियतनाम जैसा जख्म: 42 लड़ाकू विमान तबाह, किलर रीपर ड्रोन बने आसान शिकार

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बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों से पूरी दुनिया में खलबली मच गई। अब युद्ध शुरू हुए 2 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन इसके खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिका की बात करें तो इस जंग की आग में वह अपनी प्रतिष्ठा तक जला बैठा है। कहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले के जरिए ईरान में सत्ता परिवर्तन का सपना देख रहे थे और कहां ईरान अपनी शर्तों से झुकने तक को राजी नहीं हुआ है। इस बीच अब एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान युद्ध में अमेरिका ने अब तक अपने 42 जेट्स और 2 लाख करोड़ रुपए गंवा दिए हैं।
अमेरिकी संसद की आधिकारिक रिसर्च विंग 'कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस' (CRS) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस युद्ध में अमेरिका के कम से कम 42 लड़ाकू विमान, रीपर ड्रोन और अन्य विमान या तो पूरी तरह तबाह हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। इस नुकसान की वजह से अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का युद्ध बजट भी नाटकीय तरीके से बढ़ गया है।
गौरतलब है कि वियतनाम और इराक युद्ध के बाद यह पहला मौका है जब किसी युद्ध में अमेरिका को अपने इतने एडवांस और महंगे विमानों को गंवाना पड़ा है। CRS ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और सेंट्रल कमान के बयानों और खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर अमेरिकी हथियारों की तबाही का जो आंकड़ा तैयार किया है, वह अमेरिकी सैन्य इतिहास में हाल के दिनों का सबसे बड़ा नुकसान है। अमेरिका का सबसे आधुनिक और खतरनाक माना जाने वाला 'किलर ड्रोन' इस युद्ध में ईरान का सबसे आसान शिकार बना। ईरान ने युद्ध में US के 24 रीपर ड्रोन मार गिराए गए हैं। वहीं दुनिया का सबसे एडवांस पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट भी इस जंग में तबाह हो गया।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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