आनंद विकास शिक्षा समिति ने किया सराहनीय सामाजिक कार्य

  • Share on :

दिनेश बौद्ध जी ने जन्मदिन पर बच्चों को बांटे पेन, किताब पाकर खिल उठे नौनिहाल
ब्यूरो चीफ दिव्यानंद अर्गल 
भिंड :-  शिक्षा को समाज की सबसे मजबूत नींव मानते हुए आनंद विकास शिक्षा समिति द्वारा एक प्रेरणादायक सामाजिक पहल की गई। समिति के तत्वावधान में शास. माध्यमिक विद्यालय खेरिया तोर, मेहगांव में अध्ययनरत गरीब एवं मजदूर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क किताबें एवं पेन वितरित किए गए। इस मानवीय प्रयास से विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देना रहा।  आनंद विकास शिक्षा समिति का यह प्रयास समाज के लिए एक मिसाल बनकर सामने आया है।  समाजसेवी दिनेश बौद्ध जी ने अपना जन्मदिन सादगी और सेवा भाव के साथ मनाते हुए कहा कि जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग करना उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है। कार्यक्रम में उपस्थित दादराम बाबूजी, दिनेश बौद्ध, सौरव जाटव, राहुल विमल, शिवराज खरे, अजय पेशियां, धर्मेंद्र खन्ना, शिवम आजाद, हरेंद्र बौद्ध, पवन गर्ग एवं दुर्गेश जयंत ने बच्चों को किताब-पेन वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। दादराम बाबूजी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में बराबरी लाई जा सकती है। दिनेश बौद्ध जी ने कहा कि जन्मदिन जैसे अवसरों को दिखावे की बजाय सेवा कार्य से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है और आगे भी वे शिक्षा व सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय सहयोग करते रहेंगे । बच्चों ने समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए संकल्प लिया कि वे मन लगाकर पढ़ाई करेंगे और अच्छे परिणाम लाकर अपने माता-पिता व गांव का नाम रोशन करेंगे। विद्यालय के शिक्षकों ने आनंद विकास शिक्षा समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक सहयोग से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है और विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी सकारात्मक होता है। कार्यक्रम में सौरभ जाटव, राहुल विमल, शिवराज खरे, अजय पोर्सिया और धर्मेंद्र खन्ना ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज का हर सक्षम व्यक्ति अगर थोड़ा-थोड़ा सहयोग करे तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “शिक्षा दान सबसे बड़ा दान है” और आनंद विकास शिक्षा समिति आने वाले समय में भी ऐसे सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों को निरंतर जारी रखेगी।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper