नारी शक्ति, देश भक्ति व अदम्य साहस का संदेश लेकर जयपुर से निकली आशा इंदौर पहुँची
सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने की सराहना, आगे के लिए दी शुभकामना
इन्दौर। भारतीय सेना दिवस 11 जनवरी को जयपुर से एथलीट एवं पर्वतारोही आशा मालवीय सोलो सायकिल यात्रा कर आज इंदौर पहुँची। यहां आशा ने इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े से मुलाकात कर उनकी यात्रा के अनुभव साझा किए। सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने उनकी यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि सायकिल से देश के पश्चिम क्षेत्र से पूर्वी क्षेत्र तक यात्रा करते हुए नारी शक्ति, देश भक्ति व अदम्य साहस का संदेश लेकर किसी नारी का निकलना बड़ी बात है। आशा ने बताया कि इंदौर के बाद वे भोपाल फिर उप्र के रास्ते होकर बिहार और फिर अरुणाचल प्रदेश के किबतू में यात्रा समाप्त करेगी। इस दौरान वे 7 हजार 800 किमी.की दूरी तय करेगी। सम्भागायुक्त डॉ. खाड़े ने आगे की यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी। आशा मालवीय राष्ट्रीय स्तर की एथलीट, पर्वतारोही एवं सोलो साइक्लिस्ट है। वर्तमान में वो 78वें आर्मी डे 2026 के उपलक्ष्य में भारत के पश्चिमतम छोर से लेकर पूर्वी छोर तक एक राष्ट्रीय साइकिल अभियान पर है। इस बार वो नारी शक्ति, देश भक्ति, अदम्य साहस का संदेश लेकर निकली है।
आशा ने अब तक कई महत्वपूर्ण अभियान पूरे किए है
मप्र में राजगढ़ जिले के नाटाराम की रहने वाली आशा मालवीय ने अब तक कई अभियानों को पूरा किया। 27 वर्षीय आशा ने फिसिकल एजुकेशन में स्नातक किया है। इसके बाद से साइकिलिंग के द्वारा कई यात्राएं की है।
• असरवाला वॉर मेमोरियल (फाज़िल्का) से जयपुर तक 800 किमी साइकिल रैली (दक्षिण पश्चिमी कमांड)
• भोपाल–पचमढ़ी सोलो साइकिल अभियान (मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग समर्थित)
• “सैनिकों के साथ, सैनिकों के लिए” साइकिल अभियान (शहबाज़ डिविज़न डायमंड जुबली)
• 17,500 किमी राष्ट्रीय मिशन – “सशक्त सेना, समृद्ध भारत”
• 26,000 किमी राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण साइकिल अभियान।

