जन्माष्टमी पर ऐतिहासिक मंदिर के पुनर्निर्माण का भूमिपूजन
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ऐतिहासिक श्री राधा-कृष्ण मंदिर एवं धर्मशाला के पुनर्निर्माण की शुरुआत हुई। जूनी इंदौर स्थित करीब 100 वर्ष पुराने मंदिर और धर्मशाला के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल, मंत्री, विधायक, महापौर सहित समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। कृष्ण मंदिरों में विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी का आयोजन किया जा रहा है।
इसी अवसर पर श्री बलाई सकल पंच राधा-कृष्ण मंदिर एवं धर्मशाला समिति द्वारा जूनी इंदौर स्थित समाज की ऐतिहासिक पुरानी धर्मशाला और मंदिर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमिपूजन आयोजित किया गया।
भूमिपूजन कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल महामहिम थावरचंद गेहलोत, मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू राकेश शुक्ला, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव और अखिल भारतीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार सहित समाजजन एवं क्षेत्रीय नागरिक शामिल हुए।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक मालवीय और संरक्षक धर्मराज प्रधान ने बताया कि करीब 100 वर्ष पुराना यह मंदिर समाज के पूर्वजों की धरोहर है। इसी विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मंदिर और धर्मशाला के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया जा रहा है।
वहीं धर्मशाला में दूसरे शहरों से परीक्षा देने इंदौर आने वाले विद्यार्थियों और इलाज के लिए आने वाले लोगों के लिए निःशुल्क ठहरने की व्यवस्था करने की योजना है।
समाजजनों के सहयोग से शुरू हुए इस निर्माण कार्य को लेकर समिति का कहना है कि यह प्रयास ऐतिहासिक विरासत को संजोने के साथ जरूरतमंदों की सेवा का माध्यम भी बनेगा।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुरू हुआ यह पुनर्निर्माण कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए समाज की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

