जबलपुर में कोहराम: बरगी डैम में क्रूज पलटने से अब तक 9 की मौत, 6 अब भी लापता

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। शुक्रवार को बचाव दल ने तीन और शव बरामद किए हैंं। राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि अभी भी कुछ पर्यटक लापता हैं और उन्हें तलाशने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से जारी है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य पूरा होने के बाद हादसे की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ताजा अपडेट के मुताबिक इस हादसे में नौ लोगों के शव मिल चुके हैं। जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं, छह लोग अब भी लापता हैं। आज सुबह मिली जानकारी के अनुसार, क्रूज में कुल 43 लोग सवार थे।
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार शाम अचानक आए तेज तूफान के चलते बरगी डैम में एक क्रूज बोट पलट गई थी। नाव में 43 लोग सवार थे। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह डैम नर्मदा नदी पर बना हुआ है। लापता लोगों की तलाश के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें रातभर सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं। राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि क्रूज बोट को पानी से बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे नाव में सवार लोगों ने चालक दल से किनारे लौटने की गुहार लगाई। हालांकि, शोर के कारण चालक दल यह सुन नहीं सका और नाव बहते-बहते पलट गई। कुछ स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से लाइफ जैकेट पहने यात्रियों को बचाने में मदद की।
इस क्रूज हादसे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरी संवेदान व्यक्त की है। उन्होंने पीड़ित और उनके परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। साथ ही निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं.
बरगी डैम में बचाव कार्य के दौरान जब टीमों ने एक मां और उसके चार साल के बेटे का शव निकाला, तो लोगों की रूह कांप उठी। मां के सीने से लिपटा मासूम बेटा देख मौके पर खड़े लोगों की आंखें छलक उठीं। मां और बेटे दोनों की जान चली गई, लेकिन मां ने आखिरी सांस तक बेटे को नहीं छोड़ा। मौत के बाद भी वह अपने ममता के आंचल में मासूम को समेटे हुए थी। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि कठोर दिल वाले लोग भी सिहर उठे।
साभार अमर उजाला

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