तुकईथड़ कृषि उपज मंडी में अव्यवस्था, घंटों परेशान हुए किसान जिम्मेदार मोन
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले की तुकईथड़ कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर चना बेचने पहुंचे किसानों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। किसान रात से ही अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच गए थे, लेकिन सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक मंडी का मुख्य गेट नहीं खुला, जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया।
रातभर खुले आसमान के नीचे इंतजार
दूर-दराज के गांवों से आए किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर रात में ही मंडी पहुंच गए थे। पूरी रात सड़क पर गुजारने के बाद सुबह उन्हें खरीदी शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन गेट बंद मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। तेज गर्मी और भूख-प्यास के बीच किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
मंडी प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
किसानों ने मंडी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि समय पर सूचना नहीं दी गई और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
प्रशासन पहुंचा मौके पर
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार कविता सोलंकी मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए और किसानों को जल्द खरीदी शुरू कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, खरीदी कुछ समय के लिए शुरू होने के बाद फिर बंद हो गई।
उप संचालक का स्पष्टीकरण
उप संचालक कृषि एवं खरीदी प्रभारी एमएस देवके ने बताया कि मंडी मैनेजर पारिवारिक कारणों से समय पर नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि अब अन्य प्रभारी की नियुक्ति कर अगले दिन से खरीदी सुचारू रूप से शुरू की जाएगी।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
इस घटना से नाराज किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी का उद्देश्य किसानों को राहत देना है, लेकिन ऐसी अव्यवस्थाएं उनके लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।

