सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, कार्यकर्ता और सहायिका की नौकरी दिलाने के नाम लाखों वसूले

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प्रदीप सिंह बघेल 
शहडोल। जिले के जयसिंहनगर से बेरोजगारी का फायदा उठाकर नौकरी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता और सहायिका की नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से करीब डेढ़ लाख रुपए की ठगी कर ली गई।
आरोपियों ने विभाग में पहुंच होने का दावा करते हुए न सिर्फ किस्तों में रकम वसूली, बल्कि कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिया। जब पीड़ित महिला जॉइनिंग के लिए पंचायत पहुंची तो पूरा खेल सामने आ गया। फिलहाल पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर बेरोजगारी के नाम पर चल रहे ठगी के खेल को उजागर कर दिया है। 
दरअसल, ग्राम धिरियाटोला निवासी साधना पटेल ने अपनी सहेली मायावती सिंह गोंड के साथ मिलकर आंगनबाड़ी में नौकरी के लिए संपर्क किया था। इस दौरान उनकी मुलाकात समावित द्विवेदी और अनुराग द्विवेदी नामक व्यक्तियों से हुई। जिन्होंने महिला बाल विकास विभाग में अपनी पहुंच होने का दावा करते हुए नौकरी लगवाने के नाम पर पहले 10 हजार, फिर 50 हजार और बाद में ट्रेनिंग व जॉइनिंग के नाम पर किस्तों में कुल 1 लाख 49 हजार 704 रुपए ले लिए। 
फर्जी नियुक्ति पत्र भी बनवाया 
इतना ही नहीं, आरोपियों ने दोनों महिलाओं को शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय बुलाकर जनपद पंचायत जयसिंहनगर का फर्जी नियुक्ति आदेश पत्र भी थमा दिया और पंचायत में जॉइनिंग के लिए भेज दिया। जब पीड़ित महिलाएं ग्राम पंचायत पहुंची तो वहां पहले से ही पद भरे होने की जानकारी मिली, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। ठगी का एहसास होने पर जब महिलाओं ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने पैसे लौटाने का आश्वासन देते हुए लगभग 6 माह का समय मांगा। लेकिन आज तक न तो पैसा वापस मिला और न ही कोई नौकरी। 
थाना प्रभारी ने कहा 
थाना प्रभारी अजय बैगा ने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से करीब डेढ़ लाख रुपए की ठगी की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

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