नगर परिषद खनियाधाना सीएमओ संतोष सोनी के खिलाफ नगर वासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार को दिया ज्ञापन
नल जल सप्लाई 8 दिन से बंद होने के कारण नगर की जनता में भारी आक्रोश
दैनिक रणजीत टाइम्स संवाददाता जगदीश पाल
खनियाधाना (शिवपुरी) नगर परिषद खनियाधाना द्वारा नल जल सप्लाई आठ दिनों से बंद होने के कारण नगर की जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला है नगर में कहीं पर सही तरीके से सफाई नहीं हो रही है इतनी नालियों में हर जगह गंदगी फैल रही है जिससे बीमारियों में भी इजापा हो रहा है नगर की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि 8 दिन से नगर वासियों को पानी पीने नहीं मिल रहा है जिस कारण से आज सभी जनता द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा आज खनियाधाना तहसील में उपस्थित होकर नगर परिषद सीएमओ के खिलाफ तहसीलदार को मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन एवं जिला कलेक्टर महोदय शिवपुरी को ज्ञापन दिया जिसमें मुख्य रूप से पिछोर को जिला बने बनाने की मुहिम छेड़ने वाले पंजाब सिंह यादव भानु जैन सुरेंद्र कुमार कोटेदार रमाकांत पाठक आशीष जैन पार्षद शैलेंद्र गुप्ता मोहरी कला आदि सभी जनप्रतिनिधियों ने भारी जनसंख्या में खनियाधाना तहसीलदार को ज्ञापन दिया खनियाधाना सीएमओ का कर्मचारियों को वेतन का भुगतान 4 महीने से नहीं दिया गया है जब वेतन नहीं दिया गया तो वह कर्मचारी क्यों काम करेंगे नगर परिषद खनियाधाना में का जल एवं साफ सफाई की व्यवस्था बुरी तरह ठप है आम जनता पानी के लिए परेशान हो रही है गुणवत्ता हीन मोटर रिपेयरिंग कराई जाती है तो आए दिन खराब हो जाती है जिससे नगर वासी पानी को त्राहि त्राहि मचा रहे हैं नगर की साफ सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल है सीएमओ संतोष सोनी का नगर कर्मचारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है कर्मचारियों को चार-चार माह से वेतन नहीं मिला जिससे कर्मचारियों में निरंकुश्ता बनी हुई है एसडीआरएफ योजना की राशि जो नगर में नाले एवं नालिया निर्माण आई थी उसे अन्य मद में खर्च कर भारी भ्रष्टाचार किया गया है जिसे जांच प्रतिवेदन माननीय कलेक्टर महोदय शिवपुरी के पास पहुंच चुका है लेकिन आज दिनांक तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है प्रभारी सीएमओ संतोष सोनी द्वारा नगर पंचायत की व्यवस्था को नहीं संभाल पा रहे हैं एवं उनके द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है नगर प्रभारी सीएमओ संतोष सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाकर अन्य सीएमओ को नगर परिषद खनियाधाना में पदस्थ किया जाए ताकि नगर की जनता को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।