जनसुनवाई में कलेक्टर ने धैर्यपूर्वक सुनीं 97 आवेदकों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा- शिकायतों के निराकरण के प्रति बनें जवाबदेह
कटनी । जिले के आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में जिला प्रशासन का संवेदनशील और जनहितैषी स्वरूप देखने को मिला। जिले के विभिन्न अंचलों से पहुंचे 97 आवेदकों ने अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की बात पूरी गंभीरता, धैर्य और संवेदनशीलता से सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि बारिश, रिमझिम फुहारों और तेजी से चल रहे खेती-किसानी के महत्वपूर्ण कार्य से समय निकालकर यहां पहुंचे प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और निराकृत करें। जनसुनवाई शासन और जनता के बीच विश्वास का सबसे प्रभावी माध्यम है। यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति न्याय और समाधान की आशा लेकर आता है, इसलिए सभी अधिकारी प्रत्येक आवेदन को पूरी संवेदनशीलता, जवाबदेही और गंभीरता के साथ लें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र पटेल, एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी, जिला प्रबंधक लोक सेवा श्री दिनेश विश्वकर्मा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए, जबकि अन्य प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई।
जनसुनवाई में सर्वाधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुए। इनमें भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, भूमि आवंटन, अतिक्रमण हटाने, नक्शा सुधार एवं अन्य राजस्व प्रकरण प्रमुख रहे। वहीं विद्युत विभाग से बिजली बिलों में त्रुटि सुधार, बंद मीटर, जर्जर एवं लटकते विद्युत तारों से दुर्घटना की आशंका संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं। पशुपालन विभाग के अंतर्गत गौशाला निर्माण, शिक्षा विभाग में छात्रावास निर्माण, समग्र आईडी को आधार से लिंक कराने सहित विभिन्न विभागों से जुड़े अनेक जनहित के मामलों पर भी आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए तथा निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग में लंबित प्रकरणों की सतत समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि पात्र हितग्राहियों को समय पर राहत और न्याय मिले।
जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता परिलक्षित हुई। वहीं कलेक्टर श्री तिवारी ने अफसरों को ताकीद किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है ।

