कई वार्डों में आ रही है शिकायतें लेकिन नहीं हो रहा निराकरण, करोड़ों खर्च कर दिए फिर भी समस्या और बढ़ती जा रही है
इंदौर। नगर निगम ने हैदराबाद की फर्म को श्वानों की नसबंदी का काम दे रखा है और पिछले बीते करीब 7-8 वर्षो से यहीं फर्म तमाम आरोपों और शिकायतों के बावजूद शहर में काम कर रही है। इतने सालों में ना तो आवारा श्वानों की संख्या कम हुई और ना ही उनके काटने की घटनाएं। 70 लाख का पेमेंट नहीं मिलने पर पिछले 4-5 दिनों से फर्म ने अपना कामकाज बंद कर दिया है और कई वार्डों की शिकायतों के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
पिछले चार-पांच दिनों से हैदराबाद की फर्म एनिमल फॉर वेल्फेयर सोसायटी द्वारा शहर में चलाए जाने वाले अभियान बंद कर दिए गए हैं। नगर निगम ने बीते कई वर्षो से उक्त फर्म को श्वानों की नसबंदी और उन्हें पकडऩे का जिम्मा दे रखा है। इसके लिए कई संसाधन और गाडिय़ों के साथ-साथ स्टॉफ भी उपलब्ध कराया है। कई वर्षों से यह अभियान चल रहा है, लेकिन उसके बावजूद श्वानों के काटने की घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने भी नगर निगम के अफसरों को फटकार लगाई है। 70 लाख से अधिक का भुगतान नहीं होने के चलते चार-पांच दिन से यह अभियान बंद हो गया है।
कई वार्डों में आ रही शिकायतों के बावजूद टीमें मौके पर नहीं पहुंच रही है और रहवासी आवारा श्वानों से परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डॉ. उत्तम यादव के मुताबिक भुगतान को लेकर एजेंसी ने काम बंद कर दिया है और दो-चार दिन में भुगतान की व्यवस्था हो जाएगी। इसके बाद फिर से अभियान शुरू होगा। अब तक श्वानों की नसबंदी पर ही नगर निगम करीब आठ से दस करोड़ रुपए की राशि खर्च कर चुका है, लेकिन अब तक इस समस्या से लोगों को निजात नहीं मिली है। इसके साथ साथ नगर निगम के पास यह रिकॉर्ड भी नहीं है कि शहर में कुल कितने आवारा श्वान हैं और जानकारी मांगने पर यह बताया जाता है कि हर रोज अलग-अलग क्षेत्रों से श्वानों की टीम घूमती रहती है, जिनके कारण उनकी गणना संभव नहीं है।
गुलमर्ग परिसर में श्वान ने महिला और बच्चे को किया घायल
कल भी गुलमर्ग परिसर में आवारा श्वानों ने महिला और उसके बच्चे पर हमला कर दिया था। लहूलुहान महिला को पास के अस्पताल में ले जाया गया। शिकायत के बावजूद वहां काफी देर तक कोई टीम नहीं पहुंची। गुलमर्ग परिसर के रहवासियों का कहना है कि कई दिनों से आवारा श्वानों की शिकायत की जा रही थी, मगर उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गर्ई, जिसके चलते कल श्वानों के समूह ने वहां रहने वाली महिला और उसके बच्चे पर हमला कर दिया।

