मामला छुपाना कांग्रेस को पड़ा भारी: एमपी राज्यसभा चुनाव में दिलचस्प मोड़, संकट में फंसी सीट पर भी बीजेपी का कब्जा

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भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। इसके बाद बीजेपी के तीनों राज्यसभा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। तीनों उम्मीदवारों को विधानसभा से जीत का सर्टिफिकेट मिल गया है। इसके बाद पार्टी नेताओं ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी है।
दरअसल, मध्य प्रदेश बीजेपी ने तीन उम्मीदवारों को राज्यसभा के लिए उतारा था। इसमें रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट थे। तीनों निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। उन्हें विधानसभा में निर्वाचन सर्टिफिकेट मिल गया है। इसके बाद उनके समर्थकों जश्न का माहौल है।
राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में बीजेपी के खाते में दो ही सीट जा रही थी। तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए 10 वोटों की जरूरत थी। इसके बावजूद बीजेपी ने महेश केवट को उम्मीदवार बनाया था।
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार ने मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन फॉर्म में तेलंगाना में चल रहे एक परिवाद को छुपाई थी। इस आधार पर उनका नामांकन रद्द हो गया। मीनाक्षी के नामांकन रद्द होने के बाद महेश केवट की राह आसान हो गई है। इसके बाद वह भी निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस और मीनाक्षी नटराजन चुनाव आयोग गई थीं। लेकिन वहां से कोई फैसला नहीं आया है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुक्रवार को है। कांग्रेस ने मांग की थी कि रिजल्ट जारी करने पर रोक लगे। लेकिन सुनवाई से पहले ही विधानसभा की ओर से राज्यसभा चुनाव का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। बीजेपी के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस के खाते में जा रही तीसरी सीट दिग्विजय सिंह की थी। इस पर उन्होंने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। उनकी जगह पर पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। मगर एक चूक की वजह से कांग्रेस के हाथ से यह सीट चली गई है।
साभार नवभारत टाइम्स 

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