सहकारिता एवं पंजीयक आयुक्त श्री दीपक सिंह ने इंदौर संभाग के सहकारिता विभाग की समीक्षा की
ऋण वसूली, सदस्यता अभियान और केसीसी वितरण में लक्ष्य आधारित कार्य करने के दिए निर्देश
राजेश धाकड़
इंदौर, आयुक्त, सहकारिता एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं श्री दीपक सिंह ने गुरुवार को इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, इंदौर के सभागार में इंदौर संभाग के सहकारिता विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक ली। बैठक में सहकारिता विभाग के संभागीय एवं जिला अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, दुग्ध सहकारी संघ, विपणन सहकारी संघ तथा अपेक्स बैंक के प्रबंधक उपस्थित रहे।
बैठक में सहकारी केंद्रीय बैंकों द्वारा संचालित सदस्यता अभियान, नवीन सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध कराने, "सहकार से समृद्धि" अभियान, परिसमापनाधीन संस्थाओं के पंजीयन निरस्तीकरण, सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निराकरण, नियमित एवं लंबित अंकेक्षण, अंकेक्षण शुल्क वसूली, किसानों को ऋण वितरण एवं वसूली, पैक्स के बहुउद्देशीय व्यवसाय, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, दुग्ध सहकारी संस्थाओं के गठन एवं पंजीयन, रासायनिक उर्वरकों के वितरण तथा सहकारी संस्थाओं के खाते सहकारी बैंकों में संचालित किए जाने सहित विभिन्न विषयों की संस्थावार एवं अधिकारीवार समीक्षा की गई।
श्री दीपक सिंह ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को नियमित ऋणों की 100 प्रतिशत तथा बकाया ऋणों की 50 प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए माहवार लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रिस योजना के तहत एनपीए ऋणों की वसूली के लिए जिला कलेक्टरों की एजेंडा सूची में लक्ष्य निर्धारण कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में संभागीय संयुक्त आयुक्त को पैक्स सदस्यता अभियान एवं नए केसीसी वितरण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ऋण वसूली में निर्धारित लक्ष्य प्राप्त नहीं करने तथा कालातीत ऋणों के मामलों में संबंधित स्वीकृति अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त ने अकार्यशील सहकारी संस्थाओं के नियमानुसार पंजीयन निरस्त करने के लिए माहवार कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने को कहा। झाबुआ जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को ऋण वसूली में विशेष प्रयास करते हुए बैंक को कमजोर श्रेणी से बाहर लाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में संभागीय संयुक्त आयुक्त श्री बी.एल. मकवाना ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न विषयों की प्रगति से अवगत कराया। इसके बाद जिलावार वन-टू-वन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिक मेहनत, लगन और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए।

