घोर कलयुग: कलयुगी पोते ने बुढ़ापे की लाठी तोड़ी, विकलांग दादा-दादी को घर से निकाल कर 1200 Sq Ft के मकान पर किया अवैध कब्जा!
सह संपादक दीपक वाड़ेकर
इंदौर, मध्य प्रदेश
कहते हैं कि पोता दादा-दादी की आंखों का तारा होता है, लेकिन इंदौर के भागीरथपुरा में एक पोते ने लालच में आकर रिश्तों का कत्ल कर दिया है। यहाँ एक विकलांग बुजुर्ग दंपत्ति को उनके ही अपने घर से बेदखल कर, उनकी जीवनभर की पूंजी पर कब्जा जमा लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
भागीरथपुरा के निवासी मदनलाल धाकड़ और उनकी पत्नी कुसुम धाकड़, जो शारीरिक रूप से विकलांग हैं, आज दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पीड़ित बुजुर्गों के अनुसार, उनके अपने बेटे पीयूष धाकड़, बहू शारदा धाकड़ और पोते मोहित धाकड़ ने मिलकर उनके साथ यह क्रूरता की है।
धोखे और दादागिरी की दास्तान
मकान पर कब्जा: मदनलाल जी के नाम पर रजिस्टर्ड 1200 स्क्वायर फीट का मकान, जिसे उन्होंने खून-पसीने की कमाई से बनाया था, उस पर पोते मोहित ने नियत खराब कर ली।
गाली-गलौज और बेदखली: करीब 3 साल पहले, मोहित ने अपने बुजुर्ग और लाचार दादा-दादी को गाली-गलौज कर और अपमानित कर घर से बाहर निकाल दिया।
जेवरात और चाबियां हड़पीं: घर तो छीन ही लिया, साथ ही मकान की ओरिजिनल रजिस्ट्री और बैंक लॉकर की चाबियां भी पोते ने अपने पास रख ली हैं। लॉकर में बुजुर्ग दंपत्ति के जीवनभर की मेहनत से बनाए सोने-चांदी के जेवरात रखे हैं।
जान से मारने की धमकी: जब दादा-दादी ने अपना हक मांगा, तो पोते ने उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
"जिस पोते को गोद में खिलाया, उसी ने आज हमें छत के लिए मोहताज कर दिया। हमारे पास न घर बचा है, न गहने, बस जान बचाने का खौफ है।" - पीड़ित मदनलाल धाकड़
प्रशासन से न्याय की गुहार
आज यह विकलांग बुजुर्ग दंपत्ति न्याय के लिए गुहार लगा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या इंदौर प्रशासन और पुलिस इन बुजुर्गों को उनका हक वापस दिला पाएगी? क्या कलयुगी पोते के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी?

