देखो अपना देश कॉन्टैस्ट का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय रतलाम को मिला राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार
इन्दौर । भारत पर्यटन मुंबई एवं इंस्टिट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में देखो अपना देश कॉन्टैस्ट का पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन आईएचएम भोपाल में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सचिव मध्य प्रदेश पर्यटन डॉ. इलैयाराजा टी, एमडी मध्य प्रदेश पर्यटन श्री अभय अरविंद बेड़ेकर, श्री अर्पित शाह, श्री विकास पांडे, श्री राकेश रंजन, श्री रोहित सरीन, सहायक निदेशक सुश्री मालती दत्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम से किया गया। तत्पश्चात पुरस्कार का वितरण किया गया, जिसमें राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय रतलाम को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार केंद्रीय विद्यालय भोपाल बैरसिया एवं जवाहर नवोदय विद्यालय बुरहानपुर ने प्राप्त किया। बताया गया कि “देखो अपना देश” भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे वर्ष 2020 में आरंभ किया गया था। इसका उद्देश्य घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना तथा भारतीय नागरिकों को अपने ही देश की विविध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहरों को देखने और समझने के लिए प्रेरित करना है। “देखो अपना देश” का अर्थ है — अपने देश को देखो — और यह पहल नागरिकों में भारत के समृद्ध एवं विविध पर्यटन स्थलों के प्रति गर्व और जिज्ञासा की भावना विकसित करने का प्रयास करती है।
पर्यटन मंत्रालय ने शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से “देखो अपना देश स्कूल प्रतियोगिता” का शुभारंभ पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय एवं पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देश भर के लगभग 1900 केंद्रीय एवं नवोदय विद्यालयों के करीब 15 लाख विद्यार्थियों को सशक्त बनाना था, ताकि वे देश के प्रत्येक जिले के लिए पर्यटन ब्रोशर की परिकल्पना कर सकें और उसका रचनात्मक डिज़ाइन तैयार कर सकें।
यह प्रतियोगिता 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2024 के मध्य आयोजित की गई, जिसमें देश भर के केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के लगभग 5 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तलिखित पर्यटन ब्रोशरों में से समापन तिथि तक 2000 ब्रोशर प्राप्त हुए।
प्राप्त ब्रोशरों का पहले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर की निर्णायक समितियों द्वारा मूल्यांकन किया गया, तत्पश्चात राष्ट्रीय स्तर की निर्णायक समिति द्वारा अंतिम चयन किया गया। विजेताओं का चयन सौंदर्य गुणवत्ता, जानकारी की स्पष्टता व गहराई तथा रचनात्मकता के आधार पर किया गया। अंतिम विजेताओं का चयन देश के पाँच क्षेत्रों — उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व, दक्षिण और पश्चिम भारत से किया गया।

