DLF गार्डन सिटी Phase-2B: 'लक्ज़री टाउनशिप' में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा और स्वास्थ्य पर उठे गंभीर सवाल
इंदौर। इंदौर के पास स्थित प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट DLF गार्डन सिटी (Phase-2B) इन दिनों अपनी बदहाल व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों में भारी चूक को लेकर चर्चा में है। टाउनशिप के निवासियों ने मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। निवासियों का आरोप है कि बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में प्रबंधन विफल साबित हो रहा है।
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन: बिना नंबर की गाड़ियां बनीं खतरा?
टाउनशिप के अंदर कचरा कलेक्शन में उपयोग की जा रही गाड़ियों पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट का न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना कानूनी अपराध है।
चिंता का विषय: निवासियों का तर्क है कि यदि इन वाहनों से कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है, तो उनकी पहचान और कानूनी जवाबदेही कैसे तय होगी?
क्या टाउनशिप मैनेजमेंट ने इन वाहनों के परिचालन के लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली है?
सीवेज और स्वच्छता: दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
निवासियों द्वारा साझा की गई तस्वीरों और शिकायतों के अनुसार, टाउनशिप में सीवेज प्रबंधन (STP) की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
जलभराव: ड्रेनेज़ के गंदे पानी का रिसाव होने से संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।
STP की कार्यक्षमता: निवासियों ने सवाल उठाया है कि क्या स्वीकृत मानचित्र के अनुसार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है?
पेयजल संकट: ओवरहेड टैंक जैसी बुनियादी संरचना के अभाव में पानी की नियमित सप्लाई को लेकर भी असंतोष बढ़ रहा है।
मैनेजमेंट की चुप्पी पर आक्रोश
टाउनशिप के मेंटेनेंस हेड नीरज शर्मा और उनकी टीम पर निवासियों ने 'असंवेदनशील रवैया' अपनाने का आरोप लगाया है। जनसुनवाई और जिला प्रशासन को दी गई लिखित शिकायतों में निवासियों ने कहा है कि बार-बार ध्यानाकर्षण के बावजूद समाधान के बजाय केवल आश्वासन मिल रहे हैं।
"यह खबर निवासियों द्वारा दी गई जानकारी और शिकायतों पर आधारित है।"

