जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर: एमपी में शून्य के करीब पहुँच रहा पारा, शीतलहर की चेतावनी

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मध्यप्रदेश में ठंड और घने कोहरे ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार को प्रदेश के 12 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर-चंबल और विंध्य क्षेत्र के कई हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका जताई गई है। वहीं भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और इंदौर में शीतलहर का असर बना रहेगा।मौसम विभाग के मुताबिक ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में घना कोहरा छा सकता है। कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमटने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 19 दिसंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर अगले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा। इसके बाद एक और सिस्टम आने की संभावना है, जिससे ठंड और तेज हो सकती है। इस बीच उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का प्रभाव बना हुआ है, जो 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है।
मंगलवार-बुधवार की रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई।मंदसौर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शाजापुर में पारा 3.8 डिग्री दर्ज किया गया।इंदौर में 4.9 डिग्री, भोपाल में 5.1 डिग्री, ग्वालियर में  9.8 डिग्री, उज्जैन में 8 डिग्री और जबलपुर में 8.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
उत्तर भारत में खराब मौसम का असर मध्यप्रदेश तक साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली से आने वाली 15 से अधिक ट्रेनें रोजाना देरी से पहुंच रही हैं। शताब्दी, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, राप्ती सागर, पातालकोट, कुशीनगर, सचखंड, अमृतसर-नांदेड़, मदुरई-चंडीगढ़, तमिलनाडु, केरल, भोपाल एक्सप्रेस और कर्नाटक संपर्क क्रांति सहित कई ट्रेनें 20 मिनट से लेकर 5 घंटे तक लेट चल रही हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन पर मालवा एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से देरी से पहुंच रही है। इंदौर–उज्जैन रूट से आने वाली ट्रेनों पर भी कोहरे का असर पड़ा है।
साभार अमर उजाला

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