पिता की विरासत और बेटे का जज्बा: सब इंस्पेक्टर बनने की दौड़ तो जीत ली, लेकिन जिंदगी की जंग हार गया रविराज

  • Share on :

अहमदाबाद। खाकी वर्दी पहनने का सपना लेकर वह कई सालों से मेहनत करता था। सुबह-शाम दौड़ की ऐसी प्रैक्टिस भी की थी कि 25 की बजाय 21 मिनट में ही 5 किलोमीटर की रेस पूरी कर ली। लेकिन जिस दिल में सब इंस्पेक्टर बनने की चाह लेकर उसने यह दौड़ लगाई थी उसी ने यहां धोखा दे दिया। गुजरात के भरूच में भर्ती के दौरान कच्छ से आए रविराज सिंह जडेजा ने दम तोड़ दिया।
घटना गुरुवार सुबह की है। रविराज पुलिस सब इंस्पेक्टर और लोक रक्षक दल (एलआरडी) रिक्रूटमेंट भर्ती में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। रेस पूरी करने के बाद जडेजा ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की और उन्हें मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक चिकित्सा दी। लेकिन स्थिति बिगड़ती गई और रविराज बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत भरूच सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां दिल का दौड़ा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भरूच के एसपी अक्षय राज मकवाना ने बताया,'उनके पिता ने कहा कि रविराज ने भर्ती के लिए बहुत प्रैक्टिस की थी और दौड़ निर्धारित 25 मिनट की बजाय 21 मिनट में ही पूरी कर ली। पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि दिल में ब्लॉकेज था।
रवि के पिता महेंद्र सिंह स्टेट रिजर्व पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं और इस समय वड़ोदरा में तैनात हैं। जडेजा शहर में अपने पिता के साथ रहते थे और परीक्षा के लिए भरूच गए थे। बताया गया है कि रवि राज ने इसी मैदान पर पहले भी फिजिकल टेस्ट में दौड़ लगाई थी लेकिन तब असफल रहे थे। भरूच पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू की है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper