अलविदा 'नाना साहेब': राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, पुलिस ने दर्ज किया मामला
पणजी। पणजी पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 वर्षीय अभिनेता को गोवा के डोना पाउला स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से मणिपाल अस्पताल, बम्बोलिम के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।
नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की खबर गुरुवार सुबह सामने आई थी। इसके बाद से ही फिल्म जगत से लेकर आम लोगों तक, हर कोई उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी, जिसे उनके जाने के बाद भी भुला पाना आसान नहीं होगा।
अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी सच में दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। नाना साहेब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि पूरी दुनिया में लोगों को एक साथ आना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, नाना साहेब ने जो सोच और सपना हमारे लिए छोड़ा है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारे आने वाले जीवन की दिशा तय करेगा। मल्हार के इन शब्दों से साफ था कि परिवार के लिए नाना पाटेकर सिर्फ एक पिता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सोच और सीख आने वाले समय में भी उनका मार्गदर्शन करती रहेगी।
साभार अमर उजाला

