सरकार आपके द्वार 3-4 अक्टूबर को गांव से शहर तक लगेंगे सेवा सेतु शिविर
पात्र हितग्राहियों को मौके पर मिलेगा योजनाओं का लाभ, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
2 अक्टूबर को जनविश्वास अभियान का शिविर विकासखंड करंजिया के ग्राम पंचायत झनकी में होगा आयोजन
डिंडौरी। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, डीएफओ श्री अशोक सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन सहित जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने निर्देश दिए कि 2 अक्टूबर को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन किया जाए तथा संपूर्ण जिले में स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में सभी अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। इसी दिन जनविश्वास अभियान के अंतर्गत विकासखंड करंजिया के ग्राम पंचायत झनकी में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
3 अक्टूबर को ग्रामीण और 4 अक्टूबर को नगरीय क्षेत्रों में होंगे शिविर
कलेक्टर ने बताया कि जिले में 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को शासकीय योजनाओं, सेवाओं एवं हितलाभों का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना तथा पात्र नागरिकों के आवेदनों एवं समस्याओं का यथासंभव मौके पर निराकरण सुनिश्चित करना है। 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 4 अक्टूबर को नगर पालिका एवं नगर परिषद स्तर पर नगरीय क्षेत्रों में शिविर आयोजित होंगे। सभी शिविर प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित किए जाएंगे।
शिविरों में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, स्वास्थ्य, श्रम, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, विद्युत सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे। नागरिकों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, खसरा-नक्शा, स्वामित्व अधिकार अभिलेख, पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र, पेंशन, राशन तथा श्रमिक योजनाओं सहित विभिन्न सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
मौके पर आवेदन, निराकरण और हितलाभ वितरण पर रहेगा फोकस
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिविरों से पूर्व पात्र एवं संभावित हितग्राहियों तथा लंबित आवेदनों की सूची तैयार कर ली जाए। नागरिकों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक प्रकरणों का मौके पर निराकरण एवं पात्रतानुसार हितलाभ वितरण सुनिश्चित हो सके। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का अनिवार्य रूप से पंजीयन किया जाएगा। जिन प्रकरणों का निराकरण मौके पर संभव नहीं होगा, उनका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण कर आवेदक को कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी।
शिविरों में पेयजल, विद्युत, इंटरनेट, कंप्यूटर, बैठक व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, पार्किंग एवं सुरक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा नगरीय क्षेत्रों में संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शिविरों की व्यवस्थाओं का दायित्व सौंपा गया है। संबंधित एसडीएम, तहसीलदार एवं जिला अधिकारी शिविरों की तैयारियों एवं विभागीय समन्वय की नियमित समीक्षा करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि नागरिकों को शासकीय सेवाओं और योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों, निराकृत एवं लंबित प्रकरणों तथा विभागवार हितलाभ वितरण की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत की जाए। शिविरों में अनुपस्थिति, लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वामित्व योजना के कार्यों में पटवारी एवं तहसीलदार विशेष प्राथमिकता देते हुए प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति का स्वामित्व अधिकार उपलब्ध कराया जाता है। स्वामित्व अधिकार मिलने से भू-स्वामी अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक गतिविधियों एवं व्यापार के लिए कर सकता है तथा आवश्यकता के अनुसार वित्तीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने में भी सक्षम होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय-सीमा में दिलाने के लिए राजस्व अधिकारी मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

