अमृत 2.0 परियोजनाओं की प्रगति पर इंदौर में उच्च-स्तरीय मंथन
ड्रेनेज लाइन की झोनवार मैपिंग अनिवार्य करने के निर्देश
इंदौर। अमृत 2.0 (AMRUT-2.0) के तहत शहर में चल रहे शहरी अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आज कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक मधु वर्मा, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अमृत मिशन 2.0 एवं जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित व प्रस्तावित परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, समय-सीमा एवं आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जलप्रदाय, सीवरेज, ड्रेनेज तथा अन्य शहरी अधोसंरचना कार्यों की अद्यतन स्थिति से समिति को अवगत कराया।
इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अमृत 2.0 के अंतर्गत किए जाने वाले ड्रेनेज लाइन कार्यों की झोन स्तर पर विस्तृत मैपिंग अनिवार्य की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी या रख-रखाव संबंधी समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सके। उन्होंने नई विकसित होने वाली कॉलोनियों में स्टॉर्म वाटर लाइन अनिवार्य रूप से शामिल करने पर भी जोर दिया, जिससे वर्षा जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान मिल सके।
महापौर ने परियोजनाओं के पश्चात होने वाले रेस्टोरेशन कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में यह सुझाव भी रखा गया कि अमृत 2.0 के कार्यों की निगम एवं संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, जिससे कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
यह बैठक शहर में चल रहे अधोसंरचना विकास कार्यों को गति देने तथा उन्हें अधिक व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

