शहर के बीचों-बीच धधका होटल गैलेक्सी, प्रशासन की 'सुस्ती' और जनता की 'फुर्ती' के बीच पूर्व पार्षद का बड़ा धमाका!
शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
शिवपुरी। शहर के हृदय स्थल में स्थित होटल गैलेक्सी में आज अचानक लगी भीषण आग ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस घटना ने न केवल शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के गुस्से को भी सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
"नगर पालिका सोती रही, पुलिस और जनता ने संभाला मोर्चा"
वीडियो में पूर्व पार्षद रत्नेश जैन ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आग लगने की सूचना एक घंटे पहले ही दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुँची। उन्होंने बताया कि जब होटल धूं-धूं कर जल रहा था, तब स्थानीय लोग और मीडियाकर्मी बाल्टियों और जगों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे।
रत्नेश जैन के तीखे प्रहार:
नगर पालिका की निष्क्रियता: पूर्व पार्षद ने कहा, "मैं इसी लापरवाही की वजह से अपने पद से इस्तीफा दे चुका हूँ। शहर के बीचों-बीच आग लगने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड आती है, यह बेहद शर्मनाक है।"
पुलिस की सराहना: उन्होंने पुलिस प्रशासन की जमकर तारीफ की। जैन ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी की परवाह किए बिना पानी में भीगकर आग बुझाने में मदद की, जिसकी पूरा शहर तारीफ कर रहा है।
कागजों पर संसाधन: जब उनसे नगर पालिका के पास मौजूद संसाधनों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा कि "नगर पालिका की फायर ब्रिगेड, टैंकर, पोकलेन और जेसीबी का कोई हिसाब नहीं है। कागजों में सब चल रहा है, लेकिन हकीकत में मौके पर कुछ नहीं दिखता।"

