मेघनगर में “पटरी की पाठशाला” एवं “हमारी सवारी–भरोसे वाली” का शुभारंभ
कलेक्टर नेहा मीना एवं एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल की गरिमामयी उपस्थिति
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। कलेक्टर नेहा मीना एवं पुलिस अधीक्षक रेलवे इंदौर पद्म विलोचन शुक्ल ने आज मेघनगर में शासकीय रेलवे पुलिस के तत्वावधान में आयोजित “पटरी की पाठशाला” एवं “हमारी सवारी–भरोसे वाली” योजनाओं का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम स्थल पर उपस्थितजनों द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर नेहा मीना का गर्मजोशी से ढोल मांदल की थाप पर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर नेहा मीना एवं एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर समाज सुधार संगठन के श्यामा ताहेड व सदस्यों द्वारा अतिथियों का पगड़ी पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत भी किया गया।
महिला एवं यात्री सुरक्षा को सशक्त बनाने वाली पहल – कलेक्टर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि इस प्रकार की अभिनव पहल के लिए आप एवं आपकी पूरी टीम बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि “हमारी सवारी–भरोसे वाली” जैसी योजना अत्यंत सराहनीय है। इस पहल के अंतर्गत यात्रा के उपरांत ऑटो पर लगे क्यूआर कोड के माध्यम से आवश्यक जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी, जिसे परिवारजनों के साथ भी साझा किया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि यह नवाचार प्रत्येक स्टेशन पर लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस दिशा में प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शिक्षित है, अपनी संस्कृति एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को समझती है और ऐसे सकारात्मक प्रयासों में निश्चित रूप से सहयोग करेगी।
पटरी की पाठशाला से शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता का विस्तार – एसपी रेलवे
एसपी रेलवे पद्म विलोचन शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेलवे स्टेशन के आसपास की बस्तियों में निवासरत बच्चों के लिए “पटरी की पाठशाला” एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों (मोरल वैल्यूज़), नशा मुक्ति से संबंधित जानकारी तथा अपराधों के प्रति जागरूकता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि जो बच्चे विद्यालय नहीं जा रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जा रहा है। इस क्रम में इंदौर में 3 बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया गया है,
उज्जैन की टीम द्वारा एक दिव्यांग बच्ची का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, प्रशासन के सहयोग से दिव्यांग बच्चों को ट्राइसाइकिल भी उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अतिरिक्त महू (Mhow) में बच्चों के विद्यालय में प्रवेश के दौरान आर्मी का सहयोग प्राप्त हुआ है। इस पहल की शुरुआत अब रतलाम में भी की जा चुकी है।
“हमारी सवारी–भरोसे वाली” से यात्रियों को सुरक्षित परिवहन
एसपी रेलवे ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए “हमारी सवारी–भरोसे वाली” योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत क्यूआर कोड के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा सत्यापित (वेरिफाइड) ऑटो चालकों को प्रदान की जाएगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित एवं भरोसेमंद यात्रा सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने बताया कि यह योजना इंदौर में 100 ऑटो के साथ प्रारंभ की गई है तथा उज्जैन, रतलाम एवं महू में भी लागू की जा चुकी है। अब झाबुआ में भी इसकी शुरुआत की जा रही है।
एसपी रेलवे ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों तक शिक्षा पहुँचाने, बच्चों को अपराध से दूर रखने तथा यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। वही सेंट आर्नोल्ड स्कूल की बालिका निष्ठा द्वारा बनाई गई पेंटिंग की कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक द्वारा सरहाना की गईं
नाटक के माध्यम से दिया गया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान भामल की टीम द्वारा पटरी की पाठशाला एवं हमारी सवारी–भरोसे वाली योजनाओं की जागरूकता को लेकर सुंदर एवं प्रभावशाली नाटक की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थितजनों ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में मीडिया साथियो , समाज सुधार समिति के सदस्यों सुरक्षा समिति के सदस्यों को सहभागियों को प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। तो वही स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई ड्राईंग की एसपी शुक्ल द्वारा सराहना की गई , व गिफ्ट वितरण किये गए आभार जीआरपी थाना प्रभारी ममता अलावा द्वारा व्यक्त किया गया कार्यक्रम का संचालन पूनम शर्मा सब इंस्पेक्टर इंदौर द्वारा किया गया।

