इंदौर बना ऐतिहासिक क्षण का साक्षी: राजवाड़ा पर भगवान विष्णु के दर्शन के लिए उमड़े हजारों भक्त
इंदौर। इंदौर के राजवाड़ा स्थित महालक्ष्मी मंदिर के सामने आज एक ऐतिहासिक और भव्य दृश्य देखने को मिला, जब भगवान विष्णु की 24 करोड़ रुपये की पंचधातु से बनी 21 टन वजनी अद्भुत प्रतिमा भक्तों के दर्शन के लिए रखी गई। यह दुर्लभ क्षण इंदौरवासियों के लिए अद्वितीय बन गया, जब शेषशायी भगवान विष्णु की प्रतिमा को पहली बार सार्वजनिक दर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया।
इस मौके पर मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल, महाराष्ट्र जलगांव से सांसद स्मिता वाघ और उदयपुर के महापौर गोविंद सिंह टांक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भगवान के दर्शन के लिए हजारों भक्त महालक्ष्मी मंदिर के पास राजवाड़ा में उमड़े।
इंदौर बना ऐतिहासिक क्षण का साक्षी
आज का दिन इंदौर के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा, जब भगवान विष्णु की अद्भुत पंचधातु प्रतिमा महालक्ष्मी मंदिर के सामने राजवाड़ा में दर्शन देने के लिए रखी गई। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे स्वयं भगवान विष्णु ने इंदौर की भूमि पर कदम रखा हो। यह क्षण न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक बन गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य किया। राजवाड़ा के महालक्ष्मी मंदिर के सामने भगवान विष्णु के आगमन ने इस स्थान को भक्तों के लिए एक पवित्र तीर्थस्थल में परिवर्तित कर दिया। यह जोड़ पूरे आयोजन को और भी खास बनाता है, क्योंकि भगवान विष्णु के दर्शन का यह अवसर इंदौरवासियों के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं था।
प्रतिमा की भव्यता और धार्मिक महत्व
यह पंचधातु की प्रतिमा 11 फीट लंबी और 21 टन वजनी है, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश का अद्भुत समावेश है। भगवान विष्णु को शेषनाग पर विराजमान दिखाया गया है। उनकी नाभि में भगवान ब्रह्मा विराजमान हैं, और उनके चरणों में माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित है। भगवान के समक्ष गरुड़ जी की मूर्ति भी प्रतिष्ठित है, जिसमें अष्ट नाग दर्शाए गए हैं।
भगवान नारायण को पुष्प से भगवान शिव की पूजा करते हुए दिखाया गया है। इस अद्वितीय प्रतिमा को बनाने में साढ़े चार साल का समय लगा और इसे मध्यप्रदेश और राजस्थान के कारीगरों ने मिलकर तैयार किया।
दर्शन और शोभायात्रा
आज सुबह 9 बजे से करीब ढाई घंटे तक यह प्रतिमा राजवाड़ा में रखी गई, जहां मंत्रोच्चार के साथ भक्तों ने तुलसी दल अर्पित कर भगवान के दर्शन किए। इस दौरान वातावरण भक्तिमय हो गया, और चारों ओर "जय नारायण" के जयकारे गूंजने लगे।
दर्शन के बाद प्रतिमा को शोभायात्रा के रूप में राजवाड़ा से गांधी हॉल तक ले जाया गया। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह प्रतिमा अब महाराष्ट्र के शहादा ले जाई जाएगी, जहां 11 जनवरी को इसे मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
शहादा में भक्ति महोत्सव
11 जनवरी को शहादा पहुंचने के बाद प्रतिमा को भगवान विष्णु के मंदिर में स्थापित किया जाएगा। 14 जनवरी को उत्तरायण महापर्व पर गर्भगृह में प्रतिमा की स्थापना होगी। इस मौके पर विशाल भक्ति महोत्सव और 15 जनवरी को महाप्रसादी का आयोजन होगा।

