श्रवण यंत्र प्रकरण में उपभोक्ता को बड़ी राहत, इंदौर उपभोक्ता आयोग का महत्वपूर्ण आदेश

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इंदौर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, इंदौर (इंदौर-एक) ने श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) की आपूर्ति एवं सेवा में कमी से संबंधित एक प्रकरण में उपभोक्ता के हित में महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया है। आयोग ने श्रवण यंत्र की गुणवत्ता में खामी तथा शिकायत के निराकरण में लापरवाही को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत “सेवा में कमी” मानते हुए विपक्षी पक्ष को राशि वापसी एवं क्षतिपूर्ति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण के अनुसार परिवादी द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं विपक्षी पक्ष के आश्वासन पर 73 हजार रुपये मूल्य का श्रवण यंत्र क्रय किया गया था। परिवादी का कहना था कि यंत्र कान में सही ढंग से फिट नहीं हुआ, जिससे उन्हें अत्यधिक दर्द, असुविधा एवं मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ा। परिवादी द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा यंत्र को केवल सुधारने का प्रयास किया गया, किंतु समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसके बाद परिवादी ने श्रवण यंत्र की राशि वापस करने की मांग की, परंतु निर्धारित समय में राशि लौटाई नहीं गई।
आयोग द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों, शपथ-पत्रों एवं तर्कों के सूक्ष्म परीक्षण के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला गया कि परिवादी को अपेक्षित एवं संतोषजनक सेवा प्रदान नहीं की गई। आयोग ने माना कि श्रवण यंत्र की फिटिंग एवं कार्यक्षमता में कमी तथा शिकायतों के बावजूद समाधान न होना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी को दर्शाता है। आयोग ने अपने अंतिम आदेश में विपक्षी पक्ष को निर्देश दिए हैं कि वह आदेश की तिथि से 45 दिवस के भीतर परिवादी को श्रवण यंत्र की संपूर्ण राशि 73 हजार रुपये परिवाद प्रस्तुति की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित लौटाए। इसके अतिरिक्त आयोग ने मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा के लिए पाँच हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में तीन हजार रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया है।

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