इंदौर का पहला कीर्तन जैमिंग ग्रुप ‘कृष्णसंसार’,युवाओं में जगा रहा कृष्ण भक्ति का नवजागरण
राजेश धाकड़
इंदौर सनातन धर्म की आत्मा को युवाओं के हृदय तक पहुँचाने का कार्य यदि आज के समय में कहीं सबसे प्रभावशाली रूप से हो रहा है, तो वह इंदौर के पहले कीर्तन जैमिंग ग्रुप ‘कृष्णसंसार’ के माध्यम से हो रहा है। भक्ति, संगीत और युवा चेतना के संगम से कृष्णसंसार आज न केवल इंदौर, बल्कि देशभर में सनातन संस्कृति की नई पहचान बनता जा रहा है।
जहाँ आधुनिक जीवनशैली में युवा धीरे-धीरे भक्ति से दूर होते जा रहे हैं, वहीं कृष्णसंसार ने आधुनिक परिवेश में ही कृष्ण नाम का संचार कर दिया है। सेंट्रल मॉल, ट्रेज़र आइलैंड, द हब जैसे शहर के प्रमुख स्थानों पर प्रति सप्ताह आयोजित होने वाले कीर्तन जैमिंग कार्यक्रमों में जब “हरे कृष्ण” की धुन गूंजती है, तो राह चलते युवा स्वतः रुककर भक्ति में डूब जाते हैं।
100 से अधिक कीर्तन, हजारों युवाओं तक पहुँचा कृष्ण नाम
अब तक 100 से अधिक कीर्तन कार्यक्रम आयोजित कर चुका कृष्णसंसार, भक्ति को केवल मंच तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहा है। मृदंग, ढोलक और भक्ति संगीत के साथ जब युवा एक साथ कीर्तन करते हैं, तो वह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं होता।
यह कीर्तन केवल संगीत नहीं,
बल्कि युवाओं के भीतर सोई सनातन चेतना को जाग्रत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है।
इंदौर से मुंबई तक, अब पूरे भारत में गूंजेगा कृष्ण नाम
कृष्णसंसार की भक्ति यात्रा अब इंदौर से आगे बढ़ चुकी है। आगामी दिनों में समूह मुंबई के रंग शारदा,ऑडिटोरियम में कीर्तन जैमिंग प्रस्तुति देने जा रहा है। इसके पश्चात जबलपुर और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
ग्रुप का उद्देश्य है कि पूरे भारत में कीर्तन जैमिंग के माध्यम से युवाओं को सनातन धर्म की सुंदरता, शांति और कृष्ण भक्ति से जोड़ा जाए।
कृष्णसंसार टीम का संदेश
कृष्णसंसार टीम के साथी योगेश वाडिया ने बताया कि यह समूह पूरी तरह इंदौर के युवाओं द्वारा संचालित है।
“हम चाहते हैं कि युवा भक्ति को बोझ नहीं, आनंद समझें।
कृष्ण भक्ति जीवन को दिशा देती है और हमें वही युवाओं तक पहुँचानी है।हमारा सपना है कि हर शहर में युवा ‘हरे कृष्ण’ के साथ जुड़ें।”
सनातन संस्कृति का युवा स्वरूप बनता कृष्णसंसार
आज कृष्णसंसार केवल एक कीर्तन समूह नहीं, बल्कि युवाओं के बीच उभरता हुआ सनातन आंदोलन बन चुका है। यह समूह यह संदेश दे रहा है कि सनातन धर्म पुराना नहीं, बल्कि समय से परे और युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
इंदौर के इन युवाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि—
जब भक्ति में समर्पण हो,
जब उद्देश्य सेवा हो,
तो कृष्ण स्वयं मार्ग प्रशस्त करते हैं।

