किसानों को आधुनिक तकनीक व जैविक खेती से जोड़ने की पहल: धार में दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेला एवं जैविक हाट का भव्य शुभारंभ
दिलीप पाटीदार
धार जिले में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेला एवं जैविक हाट का भव्य शुभारंभ आज श्रीजी आनंदा रिसोर्ट, धार में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ब्रजेशसिंह चौहान, किसान मोर्चा महामंत्री, श्री रतनलाल अमोदिया, कृषक प्रतिनिधि तथा श्री अमोल पाटीदार, जिला प्रतिनिधि भारतीय किसान संघ धार थे।
मेले में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ, स्व-सहायता समूहों के सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से अवगत कराना, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना और किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
मेले के उद्घाटन अवसर कार्यक्रम में श्री रतनलाल अमोदिया ने कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में खेती को लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए नई तकनीकों और उन्नत बीजों के उपयोग की सलाह दी।
श्री ब्रजेशसिंह चौहान ने किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों ने अपना अमूल्य समय निकालकर कृषि मेले में भाग लिया है। उन्होंने किसानों से मेले में लगी कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन कर कृषि वैज्ञानिकों से तकनीकी जानकारी प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि स्वयं भी अपने खेतों के लगभग 50 प्रतिशत क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है, जबकि प्राकृतिक खेती से इसमें सुधार संभव है। श्री अमोल पाटीदार ने किसानों से नरवाई (फसल अवशेष) नहीं जलाने का आव्हान किया तथा गेहूं के अवशेषों को पाटा चलाकर मिट्टी में मिलाने की सलाह दी।
सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक श्री नरेन्द्र कुमार ताम्बे ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया। वहीं विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के प्रतिनिधि श्री अभिनव कुमार ने नरवाई प्रबंधन पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किसान फसल अवशेषों को न जलाकर उनका उपयोग कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकते हैं। भविष्य में फसल अवशेष खरीद कर उद्योग स्थापित करने की कार्ययोजना प्रस्तावित है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम में ग्राम लबरावदा के कृषक श्री नरेन्द्र राठौर ने भी अपने अनुभव साझा किए।कार्यक्रम की शुरुआत परियोजना संचालक आत्मा श्री त्रिलोकचंद छावनिया द्वारा मेले के उद्देश्य एवं प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी देकर की गई।
इसके पश्चात उप संचालक कृषि श्री ज्ञानसिंह मोहनिया ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी।इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों द्वारा आत्मा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय पांच सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार विजेताओं को प्रमाण-पत्र, मोमेंटो तथा 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।कार्यक्रम का संचालन श्री रामगोपाल शर्मा एवं श्री के.एस. झणिया, उप परियोजना संचालक आत्मा द्वारा किया गया तथा अंत में परियोजना संचालक आत्मा श्री टी.सी. छावनिया ने आभार व्यक्त किया।

