ईरान युद्ध का असर: सरकार ने केरोसिन वितरण के नियमों में दी छूट, 21 राज्यों को मिलेगी बड़ी राहत
नई दिल्ली। एलपीजी क्राइसिस के बीच भारत सरकार ने रविवार को एक बड़ा ऐलान किया। इसके मुताबिक केरोसिन से जुड़े नियमों में ढील दी गई है। सरकार ने कहाकि वह पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंसिंग नियमों में छूट दे रही है। ताकि घरेलू उपयोग के लिए केरोसिन का तेजी से वितरण संभव हो सके। बता दें कि ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि इन उपायों से 21 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में खाना बनाने और रोशनी के लिए घरेलू उपयोग में केरोसिन का अस्थायी वितरण सक्षम होगा।
सरकार द्वारा नियमों में किए गए बदलाव के तहत पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा चलाए जाने वाले पेट्रोल पंप पर केरोसिन तेल को स्टोर करने और बांटने की अनुमति होगी। जिन भी पेट्रोल पंप को इसके लिए चुना जाएगा, वहां पर 5000 लीटर तक केरोसिन रखा जाएगा। हर जिले में अधिक से अधिक दो पेट्रोल पंप ही इसके लिए नॉमिनेट होंगे।
गौरतलब है कि विश्व स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस चुनौतीपूर्ण हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सुपीरियर केरोसीन ऑयल का एक अस्थायी आवंटन करने का निर्णय लिया है। इसमें 21 ऐसे राज्य/केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं, जो पीडीएस, एसकेओ मुक्त हैं। इसका मकसद यह है कि लोग घरों में खाना पकाने और उजाले का इंतजाम कर सकें।
सरकार ने जो अधिसूचना जारी की है, उसके मुताबिक केरोसिन स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े डीलरों और वाहनों को नियमों से छूट मिलेगी। इन्हें पेट्रोलियम रूल 2002 के लाइसेंसिंग प्रावधानों से छूट दी गई है। इसके पीछे मकसद सप्लाई चेन में तेजी लाना और सभी तक केरोसिन का वितरण किया जा सके। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केरोसिन का किसी तरह दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाएगा।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

