इस्राइल चुनाव: नतीजों के बाद भी नई सरकार की तस्वीर साफ नहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत नहीं
नई दिल्ली। इस्राइल में आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भी नई सरकार की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में देश में एक बार फिर राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है। इस्राइल की केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार को चुनाव के अंतिम नतीजे जारी कर दिए। इसके साथ ही 26वीं नेसेट यानी इस्राइली संसद में सभी दलों की सीटों की स्थिति साफ हो गई है। नई संसद का शपथ ग्रहण 10 नवंबर को होगा।
'द टाइम्स ऑफ इस्राइल' की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाली याशर पार्टी को 21 सीटें मिली हैं। बी'याचाद को 12 और जॉइंट लिस्ट को 11 सीटों पर जीत मिली है। इसके अलावा डेमोक्रेट्स और अरब समर्थित रा'अम पार्टी ने 8-8 सीटें हासिल की हैं। इस्राइल बेतेनु, यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म और ओत्ज्मा येहुदित को 7-7 सीटें मिली हैं। वहीं, शस और रिलीजियस जियोनिज्म के खाते में 6-6 सीटें आई हैं।
अंतिम नतीजों के मुताबिक, नेतन्याहू का समर्थन करने वाले दलों के पास कुल 53 सीटें हैं। वहीं, उनके विरोधी खेमे को 48 सीटें मिली हैं। अरब दलों के पास 19 सीटें हैं। इस तरह किसी भी गुट के पास अपने दम पर सरकार बनाने लायक बहुमत नहीं है। इस चुनाव में लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 77.9 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और 57,16,665 पात्र मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
साभार अमर उजाला

