करैरा स्वास्थ्य केंद्र को फिर मिलेगा अनुभवी नेतृत्व, डॉ. प्रदीप शर्मा संभालेंगे बीएमओ की कमान
मूल पदस्थापना पर लौटे डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. नारायण सिंह हुए कार्यमुक्त; क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर, जनसेवा के प्रति समर्पण से पहले भी जीत चुके हैं आमजन का विश्वास
शिवपुरी/करैरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा में मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) के पद पर डॉ. प्रदीप शर्मा की वापसी से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है। वहीं, डॉ. नारायण सिंह को कार्यमुक्त कर उनकी मूल संस्था मुहारी के लिए रवाना कर दिया गया है। शासन एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार चिकित्सकों को उनकी मूल पदस्थापना पर भेजे जाने की प्रक्रिया के तहत डॉ. प्रदीप शर्मा की करैरा में वापसी हुई है। पूर्व में भी डॉ. शर्मा लंबे समय तक करैरा बीएमओ के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं का अच्छा अनुभव प्राप्त है।
जनसेवा, संवेदनशीलता और तत्परता बनी पहचान
डॉ. प्रदीप शर्मा का नाम करैरा क्षेत्र में ऐसे चिकित्सक के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता दी। गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों की सहायता करना, दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को गति देना उनकी कार्यशैली के प्रमुख पहलुओं में शामिल रहा है।
उनकी कार्यप्रणाली में मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय को विशेष महत्व दिया जाता रहा है। यही कारण है कि पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र के अनेक लोगों का विश्वास अर्जित किया। अब उनकी पुनः करैरा में पदस्थापना को स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वच्छ परिसर और बेहतर वातावरण पर भी रहा जोर
डॉ. प्रदीप शर्मा के पूर्व कार्यकाल की चर्चा केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वातावरण को बेहतर बनाने के प्रयास भी लोगों की स्मृतियों में हैं। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, हरियाली और पौधारोपण के माध्यम से सुंदर वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को बैठने के लिए व्यवस्थित स्थान और शांत वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयास भी उनकी कार्यशैली के उल्लेखनीय पक्ष रहे। अस्पताल केवल उपचार का केंद्र ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को राहत और भरोसा देने वाला स्थान बने—यह भावना उनकी कार्यप्रणाली में दिखाई देती रही।
मूल पदस्थापना पर वापसी से जगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद
जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रदीप शर्मा को पूर्व में कुछ प्रशासनिक कारणों के चलते शिवपुरी जिला चिकित्सालय भेजा गया था। अब चिकित्सकों को उनकी मूल पदस्थापना पर भेजे जाने के निर्देशों के क्रम में उनकी वापसी करैरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है। डॉ. नारायण सिंह को कार्यमुक्त कर उनकी मूल संस्था मुहारी भेजा गया है।
डॉ. शर्मा की वापसी से क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा व्यवस्थाओं को और बेहतर गति मिलेगी। विशेषकर ग्रामीण अंचलों से आने वाले मरीजों, गरीब परिवारों तथा दुर्घटना एवं आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल उपचार की आवश्यकता वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा।
क्षेत्रवासियों ने जताई प्रसन्नता, दी शुभकामनाएं
डॉ. प्रदीप शर्मा की करैरा में वापसी की खबर से क्षेत्र के अनेक लोगों में प्रसन्नता देखी जा रही है। क्षेत्रवासियों को उनसे पूर्व की तरह संवेदनशीलता, तत्परता और सेवाभाव के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने की अपेक्षा है। लोगों का मानना है कि चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभव के साथ मानवीय दृष्टिकोण का होना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि अस्पताल पहुंचने वाला प्रत्येक मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि सहानुभूति और भरोसे की भी अपेक्षा रखता है।
जनहित की भावना ही स्वास्थ्य सेवाओं की असली पहचान है। यदि अनुभव, संवेदनशीलता और प्रशासनिक समन्वय का बेहतर तालमेल बना रहे, तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमजन के लिए राहत का मजबूत आधार बन सकता है। डॉ. प्रदीप शर्मा की वापसी के साथ अब करैरा क्षेत्रवासियों की निगाहें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुविधा और आपातकालीन उपचार की उपलब्धता पर टिकी हैं।
विशेष
रिपोर्ट: हेमंत भार्गव
शिवपुरी जिला ब्यूरो चीफ — रणजीत टाइम्स न्यूज़

