केरल कांग्रेस में सीएम पद को लेकर खींचतान, हाईकमान के लिए फैसला मुश्किल
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में अकेला केरल ही ऐसा है, जहां से कांग्रेस को गुड न्यूज मिली है। 140 सीटों वाले राज्य में कांग्रेस 63 सीटें पाकर सबसे बड़ा दल बनी है और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाने की स्थिति में है। इसके बाद भी पार्टी अंतर्कलह से जूझ रही है और सीएम तय करना अब दिल्ली में भी मुश्किल हो रहा है। बुधवार को पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक और कोषाध्यक्ष अजय माकन तिरुअनंतपुरम में थे। उन्होंने यहां विधायक दल की मीटिंग कराई, जिसमें एक प्रस्ताव पारित कर हाईकमान को सीएम चुनने के लिए अधिकृत किया गया था।
इस दौरान कई चेहरे सामने आए थे, जिनमें राहुल गांधी के करीबी केसी वेणुगोपाल थे तो वहीं अब तक नेता विपक्ष रहे वीडी सतीशन भी बेहद मजबूत माने जा रहे हैं। चेन्निथला का नाम भी चर्चा में था। मामला दिल्ली दरबार पहुंचा तो माना जा रहा था कि यहां से जो नाम तय होगा, उसे सभी स्वीकार कर लेंगे। लेकिन इस बीच इतनी रस्साकशी हो रही है कि हाईकमान भी वक्त लेकर फैसला लेना चाह रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि केरल से सीनियर नेता रमेश चेन्निथला और प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ को दिल्ली बुलाया गया है। अब इन दोनों के साथ भी हाईकमान मंथन करेगा और तय होगा कि किस नेता को सीएम बनाया जाए।
चर्चा यह भी है कि किसी एक नेता को डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है ताकि महत्वाकांक्षाएं कुछ हद तक पूरी हो सकें। बुधवार को हुई बैठक में केसी वेणुगोपाल के नाम का समर्थन ज्यादातर विधायकों की ओर से किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वीडी सतीशन भी कमजोर नहीं हैं। यहां तक कि केरल के कई शहरों में उन्हें सीएम बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। वहीं वेणुगोपाल के समर्थन को लेकर एक नेता ने कहा कि लोग उन्हें बहुत पसंद नहीं करते, लेकिन हाईकमान से उनकी करीबी के चलते साथ देना चाहते हैं। ऐसा इसलिए ताकि भविष्य में टिकट आदि में वह मदद करने की स्थिति में हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

