DLF गार्डन सिटी Phase-2B में बड़ी लापरवाही: बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां और बदहाल व्यवस्था, क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है?
सह संपादक- दीपक वाड़ेकर
इंदौर। स्वच्छ भारत अभियान और स्मार्ट सिटी का दम भरने वाले इंदौर के पास स्थित DLF गार्डन सिटी Phase-2B में मैनेजमेंट की भारी लापरवाही सामने आई है। यहाँ के निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है और हो भी क्यों न? जिस टाउनशिप को 'लक्ज़री' और 'सुरक्षित' बताया जाता है, वहां बुनियादी नियमों को ताक पर रख दिया गया है।
नीरज शर्मा के मैनेजमेंट पर उठे सवाल
टाउनशिप के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी नीरज शर्मा के हाथों में है, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद डरावनी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि टाउनशिप के अंदर कचरा कलेक्शन के लिए उपयोग की जाने वाली गाड़ियों पर नंबर प्लेट तक नहीं है।
बड़ा सवाल यह है: * अगर इन बिना नंबर वाली गाड़ियों से कोई दुर्घटना हो जाए, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
क्या प्रशासन और मैनेजमेंट किसी मासूम की जान जाने का इंतज़ार कर रहे हैं?
ट्रैफिक नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाने की अनुमति नीरज शर्मा को किसने दी?
गंदगी और बदबू के ढेर पर रह रहे निवासी
मीडिया सारांश और तस्वीरों से साफ है कि टाउनशिप में सीवेज और कचरा प्रबंधन पूरी तरह फेल हो चुका है।
STP का अता-पता नहीं: स्वीकृत योजना के बावजूद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) चालू नहीं है। सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
पीने के पानी की किल्लत: ओवरहेड टैंक न होने से पानी की सप्लाई भगवान भरोसे है।
सुरक्षा से खिलवाड़: बिना नंबर की गाड़ियां और सुरक्षाकर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव मैनेजमेंट की 'असंवेदनशीलता' को दर्शाता है।
निवासियों ने खोला मोर्चा
परेशान निवासियों ने अब चुप न बैठने का फैसला किया है। जिला प्रशासन और जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। निवासियों का साफ कहना है कि उन्हें अब झूठे आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस समाधान चाहिए।
"हम सिर्फ आश्वासन नहीं, जांच और कार्रवाई चाहते हैं। बिना नंबर की गाड़ियां चलना अवैध है और यह हमारी सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है।" - आक्रोशित निवासी
निष्कर्ष:
DLF जैसे बड़े नाम के साथ ऐसी लापरवाही मैनेजमेंट की साख पर बट्टा लगा रही है। अगर नीरज शर्मा और उनकी टीम जल्द ही इन खामियों को दुरुस्त नहीं करती, तो यह मामला कानूनी कार्रवाई और बड़े आंदोलन की ओर बढ़ सकता है।
प्रशासन से अपील: क्या इंदौर आरटीओ (RTO) और पुलिस प्रशासन इन बिना नंबर की गाड़ियों पर कोई कार्रवाई करेगा, या रसूखदारों के आगे मौन रहेगा?

