भात-पूजन एवं अन्य अनुष्ठानों से मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति को वर्ष 2025 में 5 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की आय
उज्जैन से भात-पूजन एवं अन्य अनुष्ठानों से मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति को वर्ष 2025 में 5 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की आय
उज्जैन से मनीष धैपते
शिप्रा तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में भात-पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वर्ष 2025 में मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति को ₹5,46,17,599 (पांच करोड़ छियालीस लाख सत्रह हजार पांच सौ निन्यानवे रुपये मात्र) की आय प्राप्त हुई।
यह जानकारी मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के. पाठक ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन प्रातः आरती के पश्चात सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक भात-पूजन एवं अन्य पूजन विधियों हेतु देश-विदेश से श्रद्धालुओं एवं यजमानों का निरंतर आगमन होता है।
मंदिर में भात-पूजन के साथ-साथ भूमि प्राप्ति, धन लाभ, शीघ्र विवाह, यश प्राप्ति, मंगल दोष निवारण एवं विभिन्न रोगों के निवारण हेतु पूजन कराने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सभी पूजन मंदिर के विद्वान पंडितों एवं आचार्यों द्वारा संपूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराए जाते हैं।
पूजन हेतु कंप्यूटरीकृत एवं मैन्युअल शासकीय रसीदें मंदिर समिति के कर्मचारियों द्वारा जारी की जाती हैं। प्रशासक श्री पाठक ने बताया कि कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के सक्षम नेतृत्व एवं अपर कलेक्टर/अध्यक्ष तथा तहसीलदार/सचिव के कुशल मार्गदर्शन में यह राजस्व अर्जित हुआ।
मंदिर प्रबंधन द्वारा दिव्यांग एवं असहाय दर्शनार्थियों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे सहज एवं व्यवस्थित रूप से भगवान श्री मंगलनाथ जी के दर्शन कर सकें। साथ ही शीघ्र दर्शन की सुविधा हेतु ₹100 प्रति व्यक्ति के विशेष दर्शन पास की भी व्यवस्था की गई है।
प्रशासक ने यह भी जानकारी दी कि आगामी सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए मंगलनाथ मंदिर के विकास एवं विस्तार कार्यों के लिए प्रथम चरण की स्वीकृति संभाग आयुक्त आशीष सिंह द्वारा प्रदान की जा चुकी है, जिसका क्रियान्वयन उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु द्वितीय चरण का एक बड़ा विकास प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा रहा है।
03 जनवरी 2026
शिप्रा तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में भात-पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वर्ष 2025 में मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति को ₹5,46,17,599 (पांच करोड़ छियालीस लाख सत्रह हजार पांच सौ निन्यानवे रुपये मात्र) की आय प्राप्त हुई।
यह जानकारी मंगलनाथ मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक के.के. पाठक ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन प्रातः आरती के पश्चात सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक भात-पूजन एवं अन्य पूजन विधियों हेतु देश-विदेश से श्रद्धालुओं एवं यजमानों का निरंतर आगमन होता है।
मंदिर में भात-पूजन के साथ-साथ भूमि प्राप्ति, धन लाभ, शीघ्र विवाह, यश प्राप्ति, मंगल दोष निवारण एवं विभिन्न रोगों के निवारण हेतु पूजन कराने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सभी पूजन मंदिर के विद्वान पंडितों एवं आचार्यों द्वारा संपूर्ण वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराए जाते हैं।
पूजन हेतु कंप्यूटरीकृत एवं मैन्युअल शासकीय रसीदें मंदिर समिति के कर्मचारियों द्वारा जारी की जाती हैं। प्रशासक श्री पाठक ने बताया कि कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के सक्षम नेतृत्व एवं अपर कलेक्टर/अध्यक्ष तथा तहसीलदार/सचिव के कुशल मार्गदर्शन में यह राजस्व अर्जित हुआ।
मंदिर प्रबंधन द्वारा दिव्यांग एवं असहाय दर्शनार्थियों के लिए व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे सहज एवं व्यवस्थित रूप से भगवान श्री मंगलनाथ जी के दर्शन कर सकें। साथ ही शीघ्र दर्शन की सुविधा हेतु ₹100 प्रति व्यक्ति के विशेष दर्शन पास की भी व्यवस्था की गई है।
प्रशासक ने यह भी जानकारी दी कि आगामी सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए मंगलनाथ मंदिर के विकास एवं विस्तार कार्यों के लिए प्रथम चरण की स्वीकृति संभाग आयुक्त आशीष सिंह द्वारा प्रदान की जा चुकी है, जिसका क्रियान्वयन उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु द्वितीय चरण का एक बड़ा विकास प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा रहा है

