इंदौर में भारी बवाल: कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर छिड़ा संग्राम, पत्थरबाजी में विपिन वानखेड़े घायल
सह संपादक दीपक वाड़ेकर
इंदौर। शहर का मध्य क्षेत्र आज उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। मामला कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विरुद्ध की गई टिप्पणी से शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया।
गांधी भवन पर बरसे पत्थर
घटनाक्रम के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम चुनाव और राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस के जिला मुख्यालय 'गांधी भवन' का घेराव करने का प्रयास किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे अपने कार्यालय पर हमला करार देते हुए बैरिकेड्स पर ही भाजपाई खेमे को रोक दिया। दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और फिर पत्थरबाजी में बदल गई।
विपिन वानखेड़े के सिर में आई चोट
इस भारी हंगामे और पथराव के बीच इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पत्थर सीधे उनके सिर पर लगा, जिससे वे लहूलुहान हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनके सिर पर पट्टियां बांधी गई हैं। कांग्रेस समर्थकों ने वानखेड़े को 'बब्बर शेर' बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने हार के डर से गुंडागर्दी का सहारा लिया है।
पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
स्थिति को अनियंत्रित होता देख मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। दोनों पक्षों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। इलाके में अभी भी तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस तैनात की गई है।
कांग्रेस का तीखा वार
कांग्रेस नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, "भाजपा के गुंडों ने हमारे कार्यालय पर हमला करने की कायरतापूर्ण कोशिश की, लेकिन कांग्रेस के शेरों ने डटकर मुकाबला किया।" वहीं, उमंग सिंघार के समर्थन में नारेबाज़ी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कैलाश विजयवर्गीय से माफी की मांग की है।

